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दशहरा 2026: हर साल जलता है रावण का पुतला, पर किसने जलाई थी उसकी चिता? एकमात्र जिंदा भाई विभीषण ने भी कर दिया था इंकार!

20 अक्‍टूबर को दशहरे पर गांव-गांव, शहर-शहर में रावण दहन होगा. कुछ जगहों पर 21 अक्‍टूबर को भी दशहरा मनाया जाएगा. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि जिस रावण के पुतले को हर साल जलाया जाता है, उसके मरने पर किसने उसकी चिता को अग्नि दी थी?

Written By Shraddha Jain
Published: Oct 19, 2026, 08:50 AM IST | Updated: Oct 19, 2026, 08:59 AM IST
Image Credit: रावण वध के बाद उसका अंतिम संस्‍कार किसने और कैसे किया, इसे लेकर एक रोचक कहानी है. (Photo:AI)
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रावण पापी और अधर्मी था, जिसके कारण प्रभु राम ने उसका वध किया. आज भी हर साल दशहरे पर रावण दहन किया जाता है. लेकिन त्रेतायुग में श्रीराम और रावण युद्ध के बाद जब लंकापति रावण का मारा गया तो उसके अंतिम संस्‍कार को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया. इस युद्ध में रावण के लगभग पूरे कुटुंब का सर्वनाश हो गया था. उसके सारे पुत्र मारे गए थे, विभीषण को छोड़कर सारे भाईयों का भी अंत हो गया था. ऐसे में रावण की चिता को अग्नि देने के लिए उसके परिवार का एकमात्र सदस्‍य विभीषण ही बचे थे.

रावण के अंतिम संस्‍कार से विभीषण ने किया मना

वाल्‍मीकि रामायण में जो वर्णन मिलता है उसके अनुसार, जब भगवान राम ने रावण का वध कर दिया तो उसके विधिवत तरीके से अंतिम संस्‍कार की तैयारियां की जाने लगीं. लेकिन विभीषण ने भाई रावण की चिता को अग्नि देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि रावण अधर्मी और क्रूर था. उसने गलत आचरण किया था.  

(यह भी पढ़ें: विजयादशमी पर ये काम करना माना जाता है शुभ? बढ़ता है धन, सुख, समृद्धि और ज्ञान) 

भगवान राम ने विभीषण को समझाया

इसके बाद भगवान श्रीराम ने विभीषण को समझाया. उन्‍होंने कहा, "शत्रुता केवल जीवित रहने तक होती है, मृत्यु के साथ ही बैर समाप्त हो जाता है. रावण एक महान और पराक्रमी योद्धा था. अब वह तुम्हारा भी भाई है और मेरा भी. इसलिए उसका अंतिम संस्कार करो."

तब प्रभु राम के समझाने ने पर रावण के छोटे भाई विभीषण ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ लंकापति का अंतिम संस्कार किया था. वैदिक मंत्रों और ऋषियों की परंपरा के अनुसार रावण का दाह-संस्कार किया गया था.

आज भी रखी है रावण की ममी

हालांकि कुछ कहानियों में ऐसे भी दावे किए जाते हैं कि रावण के शव को नागुल जाति के लोग या स्थानीय लोग एक गुफा में ले गए थे. बल्कि यह भी कहा जाता है कि श्रीलंका के रेगला (Regala) के जंगलों में एक गुफा में रावण का शव आज भी ममी बनाकर रखा गया है, जिसकी रखवाली जंगली जानवर और सांप करते हैं.

बता दें कि इस साल 20 अक्‍टूबर 2026 को दशहरा पर्व मनाया जा रहा है और इसी रात को रावण दहन किया जाएगा. हालांकि मैसूर का मशहूर दशहरा पर्व 21 अक्‍टूबर को मनया जाएगा. 

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी पुराणों में वर्णित प्रसंगों और उपलब्‍ध जान‍कारियों पर आधारित है. रामायण के विभिन्न संस्करणों और क्षेत्रीय परंपराओं में घटनाओं के वर्णन में अंतर हो सकता है. इस लेख का उद्देश्य धार्मिक कथा और उससे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी देना है.)

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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