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Diwali Lakshmi Puja Niyam: आज देशभर में धूमधाम से दिवाली पर्व मनाया जा रहा है. दिवाली की रात को विशेष रूप से माता लक्ष्मी की भव्य पूजा की जाती है. लेकिन क्या आपको ये जानते हैं कि इस दिन की गई एक गलती से पूरे साल धन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. रोशनी के पावन पर्व दिवाली को इस साल 8 नवंबर 2026, रविवार को यानी आज मनाया जा रहा है. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि इस रात मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते समय कौन-सी 5 गलतियां कतई नहीं करनी चाहिए ताकि मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे. कौन सी वो सावधानियां हैं जिनको लक्ष्मी पूजन के समय जरूर बरतनी चाहिए.
दीपावली पर देवी लक्ष्मी की पूजा कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी खंडित मूर्तियों, दीपक या टूटी सामग्री का उपयोग पूजा में न करें. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां टूटी या चटकी हुई बिल्कुल न हों. वरना पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होगा और देवता नाराज भी हो जाएंगे. टूटे हुए दीपक से पूजा करने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. हमेशा साफ-सुथरे और साबुत दीयों का ही इस्तेमाल करें
दिवाली की शाम को पूजा करने से पहले और पूजा के दौरान ध्यान रखें कि घर को अच्छे से साफ कर लें और पूजा में बैठने से पहले खुद को भी स्वच्छ कर लें. गंदे या फटे कपड़े पहनकर पूजा में भूल से भी न बैठें. ऐसा करने से देवी लक्ष्मी तो नाराज होंगी ही, इसके साथ ही घर में बड़ी आर्थिक हानि भी हो सकती है. पूजा से पहले पूजा स्थल से गंदगी हटा दें, पूजा के बर्तन अच्छे से साफ कर लें और पूजा की थाली को अच्छे से सजा लें. अपने तन और मन को भी जरूर शुद्ध कर लें.
पूजा करते समय ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी की प्रतिमा सही दिशा में रखी गई हो, क्योंकि गलत दिशा में रखी प्रतिमा की पूजा करने का पुण्य फल प्राप्त नहीं होता है. पूजा के समय अपना मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें, भूल से भी दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पूजा न करें. वहीं, मां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा को उत्तर या ईशान कोण में रखें.
देवी लक्ष्मी की पूजा करते समय पूरा परिवार साथ बैठा हो तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है. पूजा के दौरान शोर न करें और न ही अनर्गल बातें करें. इस दौरान किसी को अपशब्द न बोले और न ही मन में किसी के लिए बुरी भावना रखें. वरना पूजा का फल प्राप्त नहीं होगा और यह भी हो सकता है कि लक्ष्मी जी नाराज होकर उल्टे पांव घर से चली जाएं. ऐसे में पूजा के समय पूरा ध्यान पूजा पर लगाएं और मन में भक्ति का भाव रखें.
कई बार लोग दिवाली की रात देवी लक्ष्मी की पूजा तो करते हैं लेकिन आरती के तुरंत बाद ही पूजा स्थल को छोड़कर चले जाते हैं. पूजा के तुरंत बाद मां लक्ष्मी और उनके लिए जलाए दीयों को अकेला छोड़ देना अशुभ होता है. पूजा करने के बाद थोड़ी देर वहीं बैठे रहें, पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें. थोड़ी देर बाद परिवार में प्रसाद बांटें, इसके बाद ही पूजा स्थल को छोड़ें. ऐसा करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और सालभर तक घर में स्थिर वास करेंगी.
(Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक जानकारी और इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. पूजा-विधि अपनाने से पहले किसी विद्वान से सलाह अवश्य लें.)