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Auspicious Animals On Diwali: आज यानी 8 नवंबर 2026 को देशभर में बड़े ही धूमधाम से दिवाली का पर्व मनाया जा रहा है. हिंदू धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है. मान्यता है कि दिवाली की रात को मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में धन-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. वहीं, शकुन शास्त्र के अनुसार अगर दीपावली के दिन कुछ जीव दिख जाएं तो इसके कई शुभ संकेत मिलते हैं. आइए इस लेख में जानें कि दिवाली के दिन किन 5 जीवों का दिखना क्या संकेत देता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली के दिन अगर उल्लू के दर्शन हो जाएं तो समझ लें कि मां लक्ष्मी आपसे अति प्रसन्न हैं. मां लक्ष्मी और उल्लू का गहरा नाता है, मां लक्ष्मी उल्लू पर सवारी करती हैं. ऐसे में दीपावली के मौके पर अगर उल्लू दिख जाए तो समझ लें कि घर में जल्द ही सुख-समृद्धि आने वाली है और आर्थिक स्थिति सुधरने वाली है. दिवाली पर उल्लू का दिखना संकेत देता है कि आपको भाग्य का साथ प्राप्त होगा.
शकुन शास्त्र के अनुसार दिवाली के दिन अगर छिपकली दिख जाए तो इसे एक सकारात्मक संकेत मान सकते हैं. धार्मिक मान्यता है कि छिपकली का दिखना संकेत देता है कि मां लक्ष्मी आपसे प्रसन्न हैं और घर में जल्द ही सुख-शांति आने वाली है. दिवाली पर छिपकली का दिखना अच्छे समय की शुरुआत का संकेत देता है.
दिवाली के दिन अगर किसी भी समय छछूंदर दिख जाए तो इसे एक शुभ शकुन मान सकते हैं. ऐसी पुरानी मान्यताएं हैं कि दिवाली पर छछूंदर का दिखना बड़ी आर्थिक परेशानियों के अंत का संकेत देता है. धन संबंधी मामले सुधर सकते हैं और जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं.
हिंदू धर्म में गाय की पूजा का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि 33 कोटि देवी-देवता गौ माता के शरीर में वास करते हैं. शास्त्रों में गौ माता को साक्षात देवी लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है. अगर दिवाली के शुभ मौके पर गाय दिख जाए तो समझ लें कि घर की सुख समृद्धि में कई गुना बढ़ोतरी होने वाली है और मां लक्ष्मी की आप पर विशेष कृपा है.
दीपावली के मौके पर अगर घर में काली चींटियों का झुंड दिख जाए तो इसे एक शुभ शकुन मानें. काली चींटियों के झुंड को हमेशा से ही शुभ माना जाता है. इनका दिवाली के दिन दिखना धन-संपत्ति में बढ़ोतरी का संकेत देता है. आर्थिक रूप से तरक्की हो सकती है और धन इकट्ठा करने में सफलता मिलेगी.
(Disclaimer- यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक जानकारी और इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. पूजा-विधि अपनाने से पहले किसी विद्वान से सलाह अवश्य लें.)