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गाजियाबाद की वसुंधरा से एक मामला सामने आया , जहां पुलिस चौकी में धमाका हो गया. इस धमाके की जिम्मेदारी 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नामक एक संस्था ने ली है. इस धमाके में वसुंधरा पुलिस चौकी को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है. शनिवार को हुए इस धमाके में चौकी की खिड़कियों की कांच टूट कर बिखड़ गए. दीवारों में दरार तक आ गई थी. वहीं धमाके के तुरंत बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. अब एक आतंकी संगठन द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लिए जाने के बाद ये मामला बढ़ते नजर आ रहा है.
इस हमले के जिम्मेदारी तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में द्वारा ली. वैसे को पुलिस इस मामले में दावे की जांच कर रही है. इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है. पुलिस चौकी के ठीक ऊपर जो एलिवेटेड रोड है. वहां पर पुलिस को एक स्कूटी लावारिस हालात में मिली है. पुलिस ने स्कूटी को जब्त कर किया है स्कूटी के मालिक की तलाश की जा रही है.
बता दें कि पुलिस चौकी के मेन गेट पर लगे CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं. यही वजह है कि पुलिस के लिए धमाके से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. सबसे बड़ा सवाल ये है कि गाजियाबाद पुलिस चौकी में हुआ धमाका एक हादसा था. पीछे कोई बड़ी साजिश थी. वहीं अधिकारियों का कहना है कि जांच में ये नहीं पता लग रहा है कि धमाका AC कंप्रेसर फटने की वजह से हुआ है. वहीं अब इस जांच का दायरा बढ़ा गया है.
पुलिस चौकी के दोनों तरफ सड़क हैं. ये दोनों सड़के इंदिरापुरम और गाजियाबाद को जोड़ती हैं. दिल्ली को राज नगर से जोड़ने वाली एक एलिवेटेड रोड भी ठीक इसी जगह के ऊपर से गुजरती है. यही कारण है कि ये इलाके का व्यस्त रहता है. धमाके वाली जगह के आसपास किसी तरह को कोई CCTV कैमरा नहीं लगा है. इसके अलावा मेन गेट पर लगा CCTV खराब पड़ा हुआ था. घटना की जगह से मिले सबूतों को जांच की जा रही है. फोरेंसिक रिपोर्ट से ही धमाके के असली कारण का पता चलने की उम्मीद है. इस घटना की जांच गाजियाबाद पुलिस, फोरेंसिक टीमें और इंटेलिजेंस विंग के अधिकारी कर रहे हैं.