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धनतेरस पर विष्‍कुम्‍भ योग और राहुकाल का साया, शाम को पूजा के लिए मिलेगा बस इतनी देर का टाइम

आज धनतेरस पर बन रहे शुभ-अशुभ योगों के बीच पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त कौन-सा है और कितनी देर का है, ये जानना जरूरी है, ताकि आप शुभ मुहूर्त में पूजा करके लक्ष्‍मी-कुबेर पूजा का पूरा लाभ पा सकें.

Written By Shraddha Jain
Published: Nov 06, 2026, 02:35 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 02:46 PM IST
Image Credit: शाम को धनतेरस पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त करीब पौने 2 घंटे का है. (Photo: Zee News)
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धनतेरस का पर्व आज 6 नवंबर 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है. आज बुधादित्‍य योग का शुभ संयोग बन रहा है, दूसरी ओर अशुभ विष्‍कुंभ योग बन रहा है, जो कि पूरे दिन रहेगा. ऐसे में लोग चिंता में हैं कि धनतेरस की पूजा कब और कैसे करें कि इसका ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ मिल सके. मां लक्ष्‍मी और कुबेर धन का आशीर्वाद दें और भगवान धन्‍वंतरि आरोग्‍य दें.

विष्‍कुम्‍भ योग बेहद अशुभ

विष्‍कुम्‍भ का मतलब है जहर से भरा घड़ा. ज्‍योतिष में इस योग को बेहद अशुभ माना गया है और इस योग के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. जबकि धनतेरस के दिन लोग सुख-समृद्धिदायक चीजें खरीदते हैं, नए काम की शुरुआत और निवेश करते हैं, ऐसे में इस अशुभ योग से बचते हुए धनतेरस की पूजा कैसे करें.

इसका जबाव है वृष लग्‍न. जी हां वृष लग्‍न स्थिर लग्‍न होता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए बहुत अतिउत्‍तम माना गया है. वृष लग्‍न में किए गए स्थिरता देते हैं, लंबे समय तक चलते हैं. बता दें कि आज धनतेरस पर विष्‍कुम्‍भ सुबह 05:09 बजे शुरू हो चुका है और अगले दिन 7 नवंबर की सुबह 04:09 बजे तक रहेगा.  

(यह भी पढ़ें: धन की पोटली से टकराएगा जहर का घड़ा! धनतेरस पर शुभ-अशुभ की टक्कर, आपकी राशि बचेगी या डूबेगी?) 

पूजा के लिए मिलेंगे पौने 2 घंटे

ज्‍योतिषाचार्य राज मिश्रा के अनुसार, शाम को पूजा के लिए 06:01 बजे से 07:56 बजे तक का समय अति शुभ है. इस समय वृष लग्‍न रहेगा. जो लोग शाम को पूजा न कर पाएं वे रात में धनतेरस पूजा 09:10 बजे से 10:20 बजे तक भी कर सकते हैं.

प्रदोष काल में नहीं लगेगा दोष

ज्योतिषविदों का कहना है कि प्रदोष काल में दोष नहीं होता है. इसलिए शाम के समय खरीदारी की जा सकती है और पूजा-पाठ किया जा सकता है. आज प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 49 मिनट से रात 08 बजकर 23 मिनट तक है.

दरअसल, विष्कुंभ योग शुरू होने के बाद तीन घड़ी तक इसका प्रभाव अधिक रहता है. इसके बाद वो हल्का पड़ जाता है. चूंकि यह अशुभ योग 6 नवंबर को सुबह 05.09 बजे आरंभ हो हुआ था. इसलिए दिन गुजरने के साथ इसका प्रभाव कम होता जाएगा.

वहीं राहुकाल का झंझट भी शाम को नहीं रहेगा, क्‍योंकि सुबह  10:47 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 12:10 बजे समाप्‍त हो चुका है. यानी कि आप शाम को बेहिचक होकर खरीदारी भी कर सकते हैं और धनतेरस की पूजा भी कर सकते हैं.

(यह भी पढ़ें: धन-समृद्धि और मां लक्ष्‍मी की जगह घर में आ जाएंगे शनि, धनतेरस शॉपिंग में न करें ये सबसे बड़ी गलतियां) 

विष्‍कुम्‍भ योग से बचाव के उपाय

यदि फिर भी आपके मन में विष्‍कुम्‍भ योग को लेकर डर की भावना है तो शाम को भगवान शिव के मंत्रों का जाप कर लें. 

(Disclaimer- यह जानकारी पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांग और ग्रह-गोचर की व्याख्याओं पर आधारित है. इसमें बताए गए मुहूर्त, योग और राहुकाल का समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. पूजा-पाठ के लिए अपने स्थानीय पुरोहित या पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें.)
 

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About the Author

पत्रकारिता में 15 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाली श्रद्धा जैन वर्तमान में Zee News की नेशनल डिजिटल टीम में बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर सक्रिय हैं. जहाँ वे धर्म, ज्योतिष, ग्रह गोचर, अंक शास्‍त्र और वास्तु शास्त्र जैसे विषयों पर अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन और सिम्बॉयसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से क्रिएटिव राइटिंग की पढ़ाई की है. बतौर फोटो जर्नलिस्ट करियर शुरू करने वाली श्रद्धा ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर और चौथी दुनिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.12 वर्षों की फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ बनाने के बाद, उन्होंने डिजिटल मीडिया की ओर रुख किया और देश 24*7 जैसे पोर्टल्स में नेतृत्व की भूमिका निभाई. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और हस्तरेखा जैसे विषयों पर गहन अध्ययन और लेखन करते हुए जटिल विषयों को सरल और रोचक भाषा में पाठकों के सामने पेश कर रही हैं.
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