शिव जी के नित्य सखा से लेकर यक्षों के राजा तक... जानिए धन के देवता कुबेर की 7 रहस्यमयी बातें
Dhanteras 2026 Kubera Secrets: पूर्वजन्म का एक चोर जो शिव जी के नित्य सखा बन गए और जिन्हें ब्रह्मा जी ने धन के अधिपति बनाए. क्या है धन के देवता और यक्षों के राजा से जुड़े 7 रहस्यमयी बातें, आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
धन के देवता कुबेर देव का नाम आते ही मन में एक बड़ी तोंद वाले व्यक्ति की छवि सामने आती है जिनके पास धन की पोटली होती है और आसपास पूरा खजाना होता है. कुबेर देव शिव जी के नित्य सखा कहलाते हैं,यक्षों के राजा है और लंका के पहले राजा हैं. उनका जीवन रहस्यों और रोचक कथाओं से भरा है. पूर्वजन्म में एक चोर कैसे धन-संपत्ति का रक्षक और स्वामी बन गया, क्या है कुबेर देव से जुड़ी 7 रहस्यमयी बातें. आइए इस बारे में विस्तार से जानें.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 1
धनतेरस और दीपावली पर धन के देवता कुबेर देव की विशेष पूजा की जाती है. धनतेरस और दीपावली के मौके पर बिना कुबेर देवता की पूजा के उपासना पूर्ण नहीं मानी जाती है. कुबेर देव की पूजा करने से धन की समस्याएं दूर होती हैं.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 2
कुबेर देव केवल धन के देवता ही नहीं हैं बल्कि यक्षों के राजा हैं. अलकापुरी उनके राज्य की राजधानी है जो कैलाश के समीप ही स्थित है. कुबेर देव श्वेतवर्ण के, तुंदिल शरीर और अष्टदंत वाले हैं जिनके तीन पैर हैं. कुबेर देव गदा धारण करते हैं और सत्तर योजन विस्तीर्ण वैश्रवणी सभा में वे विराजमान होते हैं.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 3
कुबेर देव को राक्षस भी कहा जाता है क्योंकि वे रावण के बड़े भाई हैं. हालांकि अपने यक्ष स्वरूप में कुबेर देव खजानों की रक्षा करते हैं. यही कारण है कि पुराने मंदिरों के बाहरी भाग में कुबेर देव की प्रतिमाएं पायी जाती हैं जिसके पीछे का रहस्य ये है कि वे मंदिरों की संपत्ति की रक्षा करते हैं. लेकिन यही कुबेर जब राक्षस स्वरूप में होते हैं तो धन का भोग भी करते हैं.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 4
दीपावली की रात को यक्ष अपने राजा यानी कुबेर देव के साथ हास-विलास करते हैं. अपनी यक्षिणियों के साथ आमोद-प्रमोद भरा समय बिताते हैं. समय बीतने के साथ लोग देवी लक्ष्मी की अधिक पूजा करने लगे लेकिन एक समय था जब धन के देवता कुबेर की पूजा यक्ष जातियों में नियमित रूप से की जाती थी और देवी के रूप में लक्ष्मीजी की पूजा देव और मनुष्य करते थे.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 5
कुबेरे देव देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं जो देवों के राज्य के लिए सैन्य और राज्य खर्च के लिए धन देते हैं. यक्षों के राजा कुबेर उत्तर दिशा के दिक्पाल हैं और भोलेनाथ के परम भक्त हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने कुबेर देवता को अपना नित्य सखा माना है.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 6
कुबेर देव पहले लंका के राजा हुआ करते थे लेकिन रावण ने लंका पर अपना शासन स्थापित कर लिया. इतना ही नहीं पुष्पक विमान और चंद्रकांता मणि भी कुबेर देव के पास ही था. इन्हें भी रावण ने अपने हाथ में ले लिया.
कुबेर देव से जुड़ी रहस्यमयी बात- 7
कुबेर देव को लेकर जनश्रुति है कि पूर्वजन्म में कुबेर देव चोर हुआ करते थे जो देव मंदिरों में भी चोरी करने से भी चूकते नहीं थे. इसी तरह चोरी करते हुए वे एक खजाने भरे शिव मंदिर में घुस गए. खजाना खोजने के लिए जैसे ही दीपक जलाया तेज हवा ने उसे बुझा दिया. कुबेर देव ने फिर से दीपक जलाया और फिर से बुझ गया. ऐसा कई बार हुआ तो भोलेनाथ वे इसे दीपाराधना समझ लिया. जिससे प्रसन्न होकर शिव जी ने आशीर्वाद दिया कि वे अगले जन्म में धनपति बनेंगे. आगे चलकर भगवान ब्रह्मा ने कुबेर देव को समस्त धन का स्वामी बना दिया. कुबेर देव के धन के देवता बनने के पीछे एक और धार्मिक मान्यता यह भी है कि कुबेर कुबड़े और एक आंख वाले थे लेकिन उन्होंने भगवती की उपासना की और धनपति और निधियों के स्वामी बने.
(Disclaimer- यह लेख केवल धार्मिक मान्यताओं, शास्त्रों और लोक-परंपराओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विद्वानों या विशेषज्ञों से सलाह अवश्य लें. हम किसी चमत्कार या धन लाभ का दावा नहीं करते.)