Bhai Dooj 2026 Date: इस साल कब है भाई दूज पर्व, यहां जानें शुभ मुहूर्त और विधि-विधान!
Bhai Dooj Kab Hai 2026: इस साल भाई दूज पर्व कब मनाया जाएगा. क्या है इस पर्व की सही डेट और इस पर्व को मनाने की सही विधि? कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि पर मनाए जानें वाले इस पर्व के बारे में आइए विस्तार से जानें.
हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि पर बड़े ही धूमधाम से भाई दूज पर्व मनाया जाता है. यह पर्व भाई-बहनों के स्नेह और सुरक्षा भाव को समर्पित है. दिवाली के दो दिन बाद और गोवर्धन पूजा के अगले ही दिन इस पर्व को मनाने का विधान है. भाई दूज पर बहनें भाई को विधि अनुसार टीका लगाती हैं, उन्हें भोजन करवाती हैं और उनके सुख की कामना करती हैं. ऐसी बहनों के भाई की आयु और बल में हमेशा वृद्धि होती है. भाई और बहन दोनों के जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है. मान्यता है कि जो भी भाई-बहन इस दिन यमुना जी में स्नान आदि करते हैं उसके जीवन के पाप नष्ट होते हैं, इसके साथ ही मन से मृत्यु का भय भी दूर होता है. इस साल भाई दूज पर्व मनाने के लिए क्या तिथि और मुहूर्त बन रहे हैं, किस विधि से इसे मनाएं, इस बारे में आइए इस लेख में विस्तार से जानें.
भाई दूज 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली द्वितीया तिथि 10 नवंबर, मंगलवार के दिन दोपहर के 02:01 बजे शुरू होकर अगले दिन यानी 11 नवंबर, बुधवार के दिन दोपहर के समय 03:54 बजे समाप्त होगी. ऐसे में 11 नवंबर को उदया तिथि के अनुसार भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा.
भाई दूज के लिए क्या है शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ चौघड़िया- सुबह 06:40 बजे से लेकर 08:01 बजे तक
अमृत चौघड़िया- सुबह 08:01 बजे से लेकर 9:22 बजे तक
शुभ चौघड़िया- सुबह 10:43 बजे से लेकर 12:05 बजे तक
भाई दूज के लिए कौन-सी सामग्री जरूरी
भाई दूज के दिन जिन सामग्री की जरूरत पड़ेगी वो हैं- पूजा की थाली, दीपक, मिठाई, देसी घी, गोला, अक्षत, फल, फूल और शुद्ध जल.
भाई दूज की विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज पर दोपहर के समय भाई को तिलक लगाएं.
टीका के लिए दोपहर का समय सबसे उत्तम माना गया है.
ऐसे में भाई दूज के दिन स्नानादि कर साफ कपड़े पहनें.
एक आसन पर भाई पूर्व दिशा की ओर और बहन पश्चिम दिशा की ओर बैठ जाएं.
छोटे भाई को अंगूठे से टीका करें और बड़े भाई को अनामिका उंगली से टीका करें.
अब भाई को नारियल भेंट करें और फिर उन्हें भोजन परोस कर खिलाएं.
अब भाई अपनी बहन को वस्त्र भेंट कर दें.
इस विधि-विधान से भाई दूज पर्व मनाएं तो भाई के जीवन से सभी दुखों और परेशानियों का अंत होगा.
(Disclaimer: यह लेख जानकारी और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य जानकारी देना है. यह किसी भी प्रकार की ज्योतिषीय सलाह का विकल्प नहीं है. तिथि और मुहूर्त स्थानीय पंचांग के अनुसार बदल सकते हैं, कृपया विद्वान से पुष्टि करें.)