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Astrology: ओवर थिंकिंग से हैं परेशान? कुंडली में केतु कमजोर तो नहीं, मजबूत करने के लिए करने होंगे ये सरल उपाय

Astrology: केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति छोटी बातों को लेकर भी बहुत ज्यादा ओवर थिंकिंग करता है. भ्रम का शिकार होता है. ऐसे में आइए जानें कुंडली में केतु के कमजोर होने के लक्षण क्या हैं और इस छाया ग्रह को मजबूत करने के उपाय क्या हैं.

Written By Padma Shree Shubham
Published: Sep 18, 2026, 06:00 AM IST | Updated: Sep 18, 2026, 07:02 AM IST
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Ketu Grah: हिन्दू धर्म में जन्म कुंडली और उसमें ग्रहों की स्थिति को बहुत महत्व दिया गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी ग्रहों के कमजोर या मजबूत होने को लेकर कई मान्यताएं हैं. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में अगर ग्रह की स्थिति कमजोर है तो उसका बुरा प्रभाव जातक पर पड़ सकता है. वहीं, मजबूत ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति हमेशा आगे बढ़ता है और उसकी परेशानियों का अंत होने लगता है. आइए इस कड़ी में विस्तार से केतु के बारे में जानें. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु की स्थिति कमजोर हो तो इसके क्या लक्षण हैं और व्यक्ति को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही हम ये भी जानेंगे कि केतु को किन उपायों को करके कुंडली में मजबूत कर सकते हैं.

केतु के कमजोर होने के लक्षण

बुरी आदतों का शिकार

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो अगर किसी जातक की कुंडली में छाया ग्रह केतु अशुभ या कमजोर स्थिति में है तो इसके प्रभाव से वह जातक बुरी आदतों का शिकार होने लगता है.

जोड़ों में दर्द

कुंडली में जब केतु कमजोर होता है तो इसका एक सबसे बड़ा लक्षण यही दिखता है कि व्यक्ति के जोड़ों में दर्द बना रहता है. सुनने में भी परेशानी होती है.

चर्म रोग की शिकायत

कमजोर केतु के कारण शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं, चर्म रोग की शिकायत हो सकती है और खांसी की भी दिक्कत होती है.

रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कत

वैदिक ज्योतिष शास्त्र की मानें तो केतु के कमजोर होने से जातक को रीढ़ की हड्डी से संबंधित कुछ समस्या होने लगती हैं. संतान प्राप्ति में दिक्कतें होती है. जातक को पथरी जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं.

मन में हमेशा भ्रम बना रहना

कमजोर केतु के कारण व्यक्ति के मन में हमेशा भ्रम बना रहता है. बेचैनी और मानसिक तनाव इतना ज्यादा होता है कि इसके कारण व्यक्ति अपनी ही तबियत खराब कर सकता है.

घबराहट महसूस होना

अशुभ और कमजोर केतु व्यक्ति के भीतर एक अजीब सी घबराहट बनाए रखता है और व्यक्ति छोटी बातों पर भी ओवरथिंक करता रहता है. किसी भी काम को लेकर व्यक्ति एकाग्र नहीं हो पाता है.

केतु को मजबूत करने के उपाय

(डिस्क्लेमर यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं की व्याख्याओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)

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About the Author

पद्मा श्री शुभम् को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव. मॉस कम्‍युनिकेशन ग्रेजुएट और हिंदी लिटरेचर से पोस्‍ट ग्रेजुएट. मीडिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म से करियर शुरू करने के बाद कई संस्थाओं में काम किया. Nedrick News, TFI Post जैसी संस्थाओं में कार्यरत रहीं. इसके बाद Zee News जॉइन किया. समाचार और वर्तमान घटनाओं पर लिखने पढ़ने में रुचि. धर्म और ज्योतिष में अधिक रुचि. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष संबंधी लेख लिखने में कार्यरत. पद्मा से आप padma.shubham@India.com मेल के जरिए सीधे संपर्क कर सकते हैं.
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