Astrology: ओवर थिंकिंग से हैं परेशान? कुंडली में केतु कमजोर तो नहीं, मजबूत करने के लिए करने होंगे ये सरल उपाय
Astrology: केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति छोटी बातों को लेकर भी बहुत ज्यादा ओवर थिंकिंग करता है. भ्रम का शिकार होता है. ऐसे में आइए जानें कुंडली में केतु के कमजोर होने के लक्षण क्या हैं और इस छाया ग्रह को मजबूत करने के उपाय क्या हैं.
Ketu Grah: हिन्दू धर्म में जन्म कुंडली और उसमें ग्रहों की स्थिति को बहुत महत्व दिया गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी ग्रहों के कमजोर या मजबूत होने को लेकर कई मान्यताएं हैं. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में अगर ग्रह की स्थिति कमजोर है तो उसका बुरा प्रभाव जातक पर पड़ सकता है. वहीं, मजबूत ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति हमेशा आगे बढ़ता है और उसकी परेशानियों का अंत होने लगता है. आइए इस कड़ी में विस्तार से केतु के बारे में जानें. अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु की स्थिति कमजोर हो तो इसके क्या लक्षण हैं और व्यक्ति को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही हम ये भी जानेंगे कि केतु को किन उपायों को करके कुंडली में मजबूत कर सकते हैं.
केतु के कमजोर होने के लक्षण
बुरी आदतों का शिकार
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो अगर किसी जातक की कुंडली में छाया ग्रह केतु अशुभ या कमजोर स्थिति में है तो इसके प्रभाव से वह जातक बुरी आदतों का शिकार होने लगता है.
जोड़ों में दर्द
कुंडली में जब केतु कमजोर होता है तो इसका एक सबसे बड़ा लक्षण यही दिखता है कि व्यक्ति के जोड़ों में दर्द बना रहता है. सुनने में भी परेशानी होती है.
चर्म रोग की शिकायत
कमजोर केतु के कारण शरीर की नसें कमजोर होने लगती हैं, चर्म रोग की शिकायत हो सकती है और खांसी की भी दिक्कत होती है.
रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कत
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की मानें तो केतु के कमजोर होने से जातक को रीढ़ की हड्डी से संबंधित कुछ समस्या होने लगती हैं. संतान प्राप्ति में दिक्कतें होती है. जातक को पथरी जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं.
मन में हमेशा भ्रम बना रहना
कमजोर केतु के कारण व्यक्ति के मन में हमेशा भ्रम बना रहता है. बेचैनी और मानसिक तनाव इतना ज्यादा होता है कि इसके कारण व्यक्ति अपनी ही तबियत खराब कर सकता है.
घबराहट महसूस होना
अशुभ और कमजोर केतु व्यक्ति के भीतर एक अजीब सी घबराहट बनाए रखता है और व्यक्ति छोटी बातों पर भी ओवरथिंक करता रहता है. किसी भी काम को लेकर व्यक्ति एकाग्र नहीं हो पाता है.
केतु को मजबूत करने के उपाय
- एक बड़े बरतन में 10 से 20 किलो सफेद चावल घर के किसी कोने में रख दें. अब इसे थोड़ा-थोड़ा करके दान करते रहें.
- केतु को कुंडली में मजबूत करना है तो नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा करें और मन को शांत रखने की कोशिश करें.
- केतु को कुंडली में मजबूत करना है तो रात के समय सोने से पहले चांदी के गिलास में पानी भरें और सिरहने रखें. सुबह यह पानी पी लें.
- मंगलवार या फिर शनिवार को दाहिने हाथ की रिंग फिंगर में चांदी का छल्ला पहनें. हालांकि ज्योतिषाचार्य की सलाह पहले ले लें.
- कुंडली में केतु को मजबूत करने के लिए अपने दीवार के रंग को सफेद करवा लें. सकारात्मकता बनी रहेगी और मन शांत रहेगा.
- कुंडली में केतु को मजबूत करना है तो जरूरतमंदों में कुछ जरूरी चीजों का दान करें. जैसे छाता, लोहा, कपड़े आदि.
- रात में सोने से पहले अगर एक बाल्टी गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालें और इसी पानी से हाथ-पैर धो लें, केतु कुंडली में मजबूत होगा.
- केतु को मजबूत करने से लेकर केतु के दोष को दूर करना है तो नियमित रूप से कान के पीछे हल्दी या तिलक लगाएं, लाभ होगा.
(डिस्क्लेमर यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं की व्याख्याओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)