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Paras Singhvi Udaipur new Mayor: उदयपुर नगर निगम के 7वें बोर्ड के मेयर चुने गए पारस सिंघवी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं. मेयर चुनाव में उन्हें 56 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की पूनम कुंवर राठौड़ को 24 वोट मिले. सिंघवी इससे पहले डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. पांचवीं बार पार्षद बने पारस सिंघवी ने नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 24 से जीत दर्ज की थी.
छात्रसंघ की राजनीति से शुरू किया सफर
पारस सिंघवी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्रसंघ की राजनीति से की थी. इसके बाद वह सक्रिय राजनीति में आगे बढ़े. उदयपुर नगर निगम में भाजपा के 53 पार्षद होने और 3 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बाद उनका मेयर चुना जाना तय माना जा रहा था. व्यापारिक संगठनों में भी उनकी मजबूत पकड़ बताई जाती है.
राम मंदिर आंदोलन में भी रहे शामिल
10 मई 1964 को जन्मे पारस सिंघवी की उम्र 62 वर्ष है. उनके राजनीतिक सफर में राम मंदिर आंदोलन का भी उल्लेख मिलता है. 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान वह लखनऊ से अयोध्या तक पैदल यात्रा पर गए थे. उन्हें सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर का करीबी माना जाता है. इसके अलावा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ भी उनके अच्छे संबंध बताए जाते हैं.
होटल और ट्रैवल्स का कारोबार
राजनीति के साथ पारस सिंघवी कारोबार से भी जुड़े हैं. वह पेशे से बिजनेसमैन हैं और होटल व ट्रैवल्स का व्यवसाय करते हैं. उदयपुर में पारस ट्रैवल्स के नाम से उनकी बसें चलती हैं. इसके अलावा उनका पारस होटल भी है. उन्होंने बीकॉम तक पढ़ाई की है.
चुनावी हलफनामे में 3.69 करोड़ की संपत्ति
चुनावी हलफनामे के मुताबिक पारस सिंघवी की कुल संपत्ति 3.69 करोड़ रुपये बताई गई है. राजनीतिक अनुभव और कारोबार के साथ अब वह उदयपुर नगर निगम के मेयर की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनके कार्यकाल में शहर के विकास, नगर निगम के कामकाज और आगामी प्रशासनिक फैसलों पर नजर रहेगी.