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पशु चिकित्सा डिप्लोमा करने के बाद भी नौकरी का संकट: कॉलेजों की मान्यता पर विवाद, धरने पर बैठे विद्यार्थी

सीकर के रींगस में श्री संत और एशियन कॉलेज से पशु चिकित्सा डिप्लोमा करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. सत्र 2022-23 के विद्यार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेज आवंटित होने के बाद भी अब पशु चिकित्सा विभाग संबंधित कॉलेजों की मान्यता और NOC पर सवाल उठा रहा है.

Reported By Ashok Singh Shekhawat Written By Aman Singh
Published: Oct 20, 2026, 04:41 PM IST | Updated: Oct 20, 2026, 04:49 PM IST
Image Credit: Zee Media
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राजस्थान के सीकर जिले के रींगस उपखंड क्षेत्र के श्री संत और एशियन कॉलेज से पशु चिकित्सा डिप्लोमा कोर्स करने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अनिश्चित हो गई है. सत्र 2022-23 बैच के विद्यार्थियों के सामने अब रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.

विद्यार्थियों का आरोप है कि राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से डिप्लोमा कोर्स के लिए कॉलेज आवंटित किए गए थे, लेकिन अब पशु चिकित्सा विभाग संबंधित कॉलेजों को फर्जी बता रहा है. ऐसे में विद्यार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.

कॉलेजों की मान्यता-एनओसी से जुड़ी परेशानी के कारण विद्यार्थियों में नाराजगी

विद्यार्थियों के अनुसार, जब पशु चिकित्सा विभाग में निकली वैकेंसी के लिए उन्होंने आवेदन किया, तब पता चला कि संबंधित कॉलेजों के पास आवश्यक एनओसी नहीं है. इस जानकारी के बाद विद्यार्थियों के सामने अपने शैक्षणिक भविष्य और रोजगार को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई.

विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से आवंटित कॉलेजों में प्रवेश लेकर पढ़ाई की थी. अब कॉलेजों की मान्यता और एनओसी से जुड़ी स्थिति के कारण उनका भविष्य दांव पर लग गया है. मामले को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी है. अपने भविष्य को लेकर चिंतित छात्र सुबह से धरने पर बैठे हैं.

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समस्या का जल्द समाधान करने की मांग

विद्यार्थियों का कहना है कि जब उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कॉलेजों में प्रवेश लेकर कोर्स किया, तो अब उन्हें इसका खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है. छात्रों की मांग है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसरों से वंचित नहीं रहना पड़े।.वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय में लड़ाई लड़ी जा रही है. प्रशासन का पक्ष है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं.

पढ़ें एक और बड़ी खबर

सीकर शहर में शारदीय नवरात्र के समापन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी है. बड़ा तालाब पर दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. मां दुर्गा के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है. सीकर शहर में दो नंबर डिस्पेंसरी के पास, रामलीला मैदान, सुभाष चौक, शीतला चौक, दग की नसिया और शेखपुरा मोहल्ला सहित विभिन्न स्थानों पर मां दुर्गा के पंडाल सजाए गए थे. यहां नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया. अब नवरात्र संपन्न होने के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं को श्रद्धापूर्वक विदाई दी जा रही है.

प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए बड़ा तालाब पहुंच रहे हैं. भक्त पूजा-अर्चना कर मां से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं. विसर्जन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है. नवरात्र के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में दुर्गा पूजा, भजन-कीर्तन और डांडिया सहित कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. अब प्रतिमा विसर्जन के साथ नवरात्र उत्सव का समापन हो रहा है.

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About the Author

अशोक सिंह शेखावत सीकर (राजस्थान) निवासी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो पिछले 23 से अधिक वर्षों से प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय हैं। वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान में सीकर जिला ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।विज्ञान, विधि (LL.B.), फार्मास्यूटिकल्स और पत्रकारिता (BJMC) में बहु-विषयक शिक्षा प्राप्त शेखावत जी ने अपने करियर की शुरुआत राजकीय अस्पताल, झुंझुनूं में 7 वर्षों तक बतौर फार्मासिस्ट की थी। इसके बाद उन्होंने मीडिया क्षेत्र में कदम रखते हुए राजस्थान पत्रिका, इंडिया टुडे और ईटीवी राजस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में लंबे समय तक अपनी सेवाएँ दीं।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR, राजस्थान) से अधिस्वीकृत पत्रकार (संख्या: 1410) के रूप में उन्हें रक्षा व शहीद परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य-चिकित्सा और क्षेत्रीय राजनीति की सटीक व संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के लिए वे सीकर व झुंझुनूं जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित भी हो चुके हैं।
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