Udaipur News: राजस्थान के उदयपुर जिले के फतहनगर कस्बे में स्थित गणेश चौक के 'दादा के दरबार' में गणेश महोत्सव के दौरान गणेशजी की अनोखी आंगी सजाई गई. इस विशेष आंगी में 1 करोड़ 41 लाख रुपये के नोटों, 1 किलो सोने और 41 किलो चांदी का उपयोग किया गया.
आयोजकों के अनुसार, आंगी में इस्तेमाल की गई सामग्री की कुल कीमत 3 करोड़ 85 लाख 31 हजार 111 रुपये बताई गई है. गणेश चौक में पिछले 22 वर्षों से गणेश महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.
करोड़ों की कीमत वाली आंगी बनी आकर्षण का केंद्र
इस साल करोड़ों की कीमत वाली नोटों और सोने-चांदी से सजी गणेशजी की आंगी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश चौक में पहुंच दर्शन किए.
नोटों और सोने-चांदी से सजे गणपति
फतहनगर के 'दादा का दरबार' में गणेश जी का विशेष श्रृंगार किया गया. भगवान गणेश को धारण कराई गई आंगी में 500, 200 और 100 रुपये के नोट लगे हुए हैं. इस विशेष श्रृंगार में करीब 1 किलो सोने और 41 किलो चांदी की ज्वेलरी है. नोटों से माला, स्वास्तिक और अन्य आकृतियां बनाई गईं. भगवान गणेशजी की प्रतिमा के साथ पूरे दरबार को चारों तरफ से नोटों से सजाया गया.
22 सालों से लगातार मनाया जा रहा गणेश महोत्सव
फतहनगर के गणेश चौक में गणेशोत्सव का आयोजन कोई नया नहीं है. यहां बीते 22 सालों से लगातार गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. हालांकि, इस बार करोड़ों रुपये की अनोखी आंगी ने आयोजन को खास बना दिया है. गणपति के इस भव्य और आकर्षक श्रृंगार के दर्शन के लिए फतहनगर के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
मन्नत वाले राजा' का 2.51 करोड़ के नोटों से श्रृंगार
वहीं, दूसका पंडाल उदयपुर शहर के धानमंडी में 'मन्नत वाले राजा'लगा, जिसमें इस साल 2.51 करोड़ रुपये के नोटों से विशेष श्रृंगार किया गया. गणेशजी को 50, 100, 200 और 500 रुपये के नोटों से तैयार की गई विशेष पोशाक पहनाई गई. न्यू मेवाड़ मित्र मंडल के आपसी सहयोग से हर साल गणेशजी के लिए यह विशेष पोशाक तैयार कराई जाती है. पिछले साल 1.55 करोड़ रुपये के नोटों से पोशाक तैयार की गई थी, जबकि इस बार इसकी कीमत बढ़कर 2.51 करोड़ रुपये हो गई.'मन्नत वाले राजा' के दर्शन के लिए सूरजपोल से पंडाल तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली.
Report-Avinash Jagnawat