SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

जेल से बाहर आने के बाद बोले नरेश मीणा, कहा- अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर नजर

देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान तत्कालीन SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मारने के मामले में जेल में बंद नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को टोंक जेल से रिहा कर दिया गया. जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने कहा कि अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर नजर है.

Written By Sneha Aggarwal
Published: Sep 22, 2026, 08:26 PM IST | Updated: Sep 23, 2026, 07:26 PM IST
Image Credit: नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत
Join

Tonk News: राजस्थान के देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में जेल में बंद नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को टोंक जेल से रिहा कर दिया गया. जेल से बाहर आने के बाद नरेश मीणा ने कहा कि अब 2028 के विधानसभा चुनाव पर नजर है. 

हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को नरेश मीणा की जमानत याचिका मंजूर की थी. नरेश मीणा करीब 50 दिनों तक जेल में रहे. जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें जेल से बाहर लाया गया. हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, जमानत के दौरान नरेश मीणा को संबंधित थाने में हर महीने के पहले सप्ताह में उपस्थिति दर्ज करानी होगी, इसके साथ ही अदालत ने जमानत अवधि में किसी अन्य अपराध में शामिल नहीं होने सहित अन्य शर्तें भी लगाई हैं.

क्या है मामला?
मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुई घटना से जुड़ा है. मतदान के दौरान तत्कालीन एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मारने का आरोप नरेश मीणा पर लगा था. घटना के बाद समरावता और आसपास के क्षेत्र में हिंसा, आगजनी और पथराव की घटनाएं हुई थीं. इसके बाद पुलिस ने नरेश मीणा को गिरफ्तार किया था.

इस मामले में नरेश मीणा को पहले भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन जुलाई 2026 में विशेष अदालत द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें दोबारा न्यायिक हिरासत में जाना पड़ा. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से अब उन्हें फिर सशर्त जमानत मिली है.

बता दें कि SDM को थप्पड़ मारने के मामले में हाई कोर्ट ने शुरू में नरेश मीणा को जमानत दी थी. हालांकि, टोंक जिले की SC-ST कोर्ट ने शर्तों का उल्लंघन करने के कारण नरेश मीणा की जमानत रद्द कर दी थी. इसके बाद नरेश ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.

दरअसल, झालावाड़ स्कूल हादसे में सात बच्चों की मौत के बाद नरेश मीणा विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस ने उन्हें इसी मामले में गिरफ्तार किया था. नगरफोर्ट पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इसी आधार पर कोर्ट में नरेश मीणा की जमानत रद्द करने की अर्जी दायर की थी.

कोर्ट का कहना है, 'तीन में से केवल एक मामले में आरोपी'
अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि पहले जमानत मिलने के बाद नरेश मीणा के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए थे. उनमें से दो मामलों में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई. तीसरे मामले में उन्हें हाई कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी थी और वह नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में अपनी हाजिरी लगा रहे थे.

नरेश मीणा का पक्ष रखने वाले वकील रजनीश गुप्ता और फतेह राम मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज ज्यादातर  मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित थे. झालावाड़ मामले में जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित लगता है. उन्होंने विधानसभा उपचुनाव के दौरान SDM को थप्पड़ मारा. 2024 के देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान, 13 नवंबर 2024 को टोंक के समरावता गांव में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया.  

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES