100 करोड़ की साइबर ठगी से लेकर 12.43 CR के नशा कारोबार तक, टोंक DST ने 250 दिन में की 230 कार्रवाई
राजस्थान के टोंक जिला स्पेशल टीम (DST) ने पिछले 250 दिनों में 230 कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है. टीम के अनुसार, साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 56 कार्रवाई की गईं, जबकि सभी तरह की कार्रवाई में अब तक 412 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
राजस्थान के टोंक जिले में जिला स्पेशल टीम (DST) ने पिछले 250 दिनों में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है. टीम के मुताबिक, इस अवधि में अपराधियों के खिलाफ कुल 230 कार्रवाई की गईं और 412 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें साइबर अपराध से जुड़ी 56 कार्रवाई शामिल हैं. टोंक DST की कार्रवाई में साइबर ठगी के अलावा मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, विस्फोटक सामग्री, अवैध हथियार और मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार से जुड़े मामले भी शामिल हैं.
100 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, 56 कार्रवाई
टोंक DST की पिछले 250 दिनों की कार्रवाई में साइबर अपराध सबसे अहम मामलों में शामिल रहा. टीम ने साइबर ठगी के खिलाफ 56 कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया. यह राशि सामने आने वाले साइबर अपराध के बड़े पैमाने को दर्शाती है.
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि 100 करोड़ रुपये की राशि कितने पीड़ितों से जुड़ी है, कितनी रकम बरामद हुई है और कितने अलग-अलग साइबर गिरोहों का खुलासा किया गया है. ऐसे में 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा और इतनी रकम की बरामदगी, दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है.
250 दिनों में 230 कार्रवाई, 412 आरोपी गिरफ्तार
DST ने पिछले 250 दिनों के दौरान विभिन्न अपराधों के खिलाफ कुल 230 कार्रवाई करने की जानकारी दी है. इन मामलों में अब तक 412 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. टीम ने नशे के कारोबार, अवैध शराब, विस्फोटक सामग्री, हथियार और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की.
12.43 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ DST ने 120 कार्रवाई करते हुए करीब 12 करोड़ 43 लाख रुपये के मादक पदार्थ पकड़े. वहीं, अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में करीब 3 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई. टीम ने 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त करने की कार्रवाई भी की. इसके अलावा अवैध बारूद और हथियार बनाने के कारखानों का भंडाफोड़ किया गया.
नकली घी, मिलावटी दूध और सरकारी दवाइयों पर कार्रवाई
टोंक DST ने मिलावटी दूध की फैक्ट्री और नकली घी के कारोबार का भी पर्दाफाश किया. टीम ने सरकारी दवाइयों का जखीरा और भारी मात्रा में नशीली दवाइयां जब्त करने की कार्रवाई की. इसके अलावा नकली बीड़ी बनाने वाली फैक्ट्री, खाद की कालाबाजारी और अवैध स्टॉक के मामलों में भी कार्रवाई की गई.
DST इंचार्ज बोले- अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
जिला स्पेशल टीम के इंचार्ज ओम प्रकाश चौधरी ने कहा, “जिस प्रकार जमादार शहर की सफाई करता है, उसी प्रकार हम अपराधियों को साफ करने का काम कर रहे हैं. आमजन हमारा सहयोग करे.”
टोंक DST की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 250 दिनों में 230 कार्रवाई और साइबर अपराध में करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा इस अभियान के प्रमुख परिणाम हैं. अब इन मामलों में आगे की जांच, आरोपियों के नेटवर्क और ठगी की रकम की बरामदगी अहम पहलू होंगे.