250 से ज्यादा बसें, 5 हजार यात्री रोजाना कर रहे सफर, Deputy CM के निर्देशों के बाद भी नहीं सुधरी टोंक बस स्टैंड की हालत
Tonk Roadways Bus Stand: टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर दो साल से टिकट काउंटर बंद है. रोजाना 250 से अधिक बसों और 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही के बावजूद रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाओं की कमी है. उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार है.
टोंक जिले के केंद्रीय रोडवेज बस स्टैंड पर मूलभूत सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. कभी खूबसूरत बस स्टैंड के रूप में पहचान रखने वाला यह बस स्टैंड आज टिकट बुकिंग, साफ-सफाई, रोशनी और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है. यहां रोजाना 250 से अधिक बसों का आवागमन होता है और 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही रहती है. इसके बावजूद बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है.
टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर पिछले करीब दो साल से टिकट काउंटर बंद होने की समस्या सामने आ रही है. टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर बुजुर्ग यात्रियों को सीट की अग्रिम बुकिंग नहीं होने के कारण असुविधा होती है. यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड पर नियमित टिकट बुकिंग व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए, ताकि यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी कम हो सके. रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले बस स्टैंड पर टिकट काउंटर बंद होने से सुविधा का अभाव महसूस किया जा रहा है. यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या पर ध्यान देकर टिकट बुकिंग व्यवस्था शुरू करेगा.
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रात में अंधेरा, महिला यात्रियों को असुरक्षा
बस स्टैंड परिसर में रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है. अंधेरे के कारण यात्रियों को परेशानी होती है. रात में बसों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों को भी असुरक्षा महसूस होती है. ऐसे में परिसर में पर्याप्त लाइटें लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है. यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड परिसर में रोशनी की समुचित व्यवस्था जरूरी है. रात के समय बसों का इंतजार करने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है.
गंदगी और आवारा पशुओं से बढ़ रही परेशानी
बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह गंदगी और आवारा श्वानों व गायों की आवाजाही भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है. यात्रियों के आने-जाने वाले स्थानों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बस स्टैंड की छवि प्रभावित हो रही है. परिसर में नियमित सफाई और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान किए जाने की जरूरत है. रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए बस स्टैंड पर साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखना जरूरी है.
उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार
बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के दौरे के दौरान बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद यात्रियों को अब तक अपेक्षित सुधार का इंतजार है. ऐसे में बस स्टैंड की व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए टिकट काउंटर शुरू करने, पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने, नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है. बस स्टैंड पर इन सुविधाओं की उपलब्धता से यात्रियों को राहत मिल सकती है.
कब सुधरेगी टोंक बस स्टैंड की हालत?
टोंक रोडवेज बस स्टैंड पर रोजाना 250 से अधिक बसों और 5 हजार से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही होती है. इसके बावजूद टिकट बुकिंग, रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं. उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी सुधार का इंतजार बना हुआ है. अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग इन समस्याओं पर कब ध्यान देगा और यात्रियों को जरूरी सुविधाएं कब मिलेंगी. यात्रियों को उम्मीद है कि बस स्टैंड की व्यवस्थाओं में सुधार कर इसे फिर से बेहतर बनाया जाएगा, ताकि यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.