दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले सियासी संग्राम तेज: जूली बोले- जेलें छोटी पड़ जाएंगी, जितेंद्र सिंह ने बताया हिटलर राज
Rajasthan Politics: दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजस्थान में सियासी घमासान तेज हो गया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं को रोकने पर जेलें छोटी पड़ने की चेतावनी दी, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने देश में हिटलर राज जैसे हालात होने का आरोप लगाया.
Rajasthan Politics: दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन से पहले राजस्थान में सियासी पारा चढ़ गया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की गई, तो सरकार की जेलें छोटी पड़ जाएंगी. पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने देश में हिटलर राज जैसे हालात होने का आरोप लगाया, तो भरतपुर सांसद संजना जाटव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर दी. आखिर वोट चोरी के आरोपों से शुरू हुई कांग्रेस की यह लड़ाई अब केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक टकराव में कैसे बदल रही है.
केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा
दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. राजस्थान से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया गठबंधन के आह्वान पर होने वाले इस प्रदर्शन में राजस्थान सहित देशभर से कांग्रेस नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा है. मुद्दा एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं और वोट चोरी के आरोप हैं. कांग्रेस इन सवालों को लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जोड़ रही है, जबकि इन आरोपों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.
लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया है. जूली का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को दिल्ली जाने से रोकने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को अपने लोकतंत्र पर भरोसा है, तो फिर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं. एसआईआर के मुद्दे पर जूली ने चुनाव आयोग से सीधे जवाब मांगा. उनका कहना है कि कांग्रेस को भाजपा के प्रवक्ताओं से नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में चुनाव आयोग से जवाब चाहिए.
चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर भी आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. जूली ने दो टूक कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं है. प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिशों पर उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि दिल्ली जरूर पहुंचेंगे. उनके मुताबिक, यदि सरकार ने आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो जेलें छोटी पड़ जाएंगी. जूली के इस बयान ने प्रदर्शन से पहले सियासी टकराव को और धार दे दी है.
पूर्व सांसद ने देश में तानाशाही जैसे हालात होने का लगाया आरोप
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और अलवर के पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए देश में तानाशाही जैसे हालात होने का आरोप लगाया है. उन्होंने सरकार की कार्यशैली की तुलना हिटलर राज से करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर कथित पाबंदियों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए. जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की जा रही है. उन्होंने महिलाओं के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के भी आरोप लगाए.
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे जनता के वोट से ही सरकार में पहुंचे हैं. उनके मुताबिक, यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि जनता की आवाज से जुड़ा आंदोलन है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरे दल-बल के साथ दिल्ली पहुंचेगी और हजारों कार्यकर्ता व आम लोग इसमें भाग लेंगे. सरकार पर निशाना साधते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि जनता की ताकत का अंदाजा सत्ता में बैठे लोगों को जल्द हो जाएगा. उनके इन बयानों से साफ है कि कांग्रेस इस प्रदर्शन को केवल विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक राजनीतिक संघर्ष के तौर पर पेश कर रही है.
सांसद संजना जाटव ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की
उधर भरतपुर से कांग्रेस सांसद संजना जाटव ने वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. संजना जाटव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
संजना जाटव का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इस मुद्दे पर देशभर में आवाज उठाना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान सत्ता में बने रहने पर केंद्रित है, जबकि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए. कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है.
कुल मिलाकर, दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस प्रदर्शन से पहले राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. एक तरफ कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया, एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप लगा रही है. टीकाराम जूली की जेलों को लेकर चुनौती, जितेंद्र सिंह का तानाशाही पर हमला और संजना जाटव की इस्तीफे की मांग ने इस राजनीतिक लड़ाई को और तीखा कर दिया है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन कितना व्यापक होता है और इन आरोपों पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है.