टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोटा में चलाए गए पुलिस ऑपरेशन के कई अहम पहलू सामने आए हैं. मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर कोटा पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेन में सवार तीनों आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई थी. ऑपरेशन के दौरान पुलिसकर्मियों ने सादे कपड़ों में तैनाती की, ताकि आरोपियों को भनक न लगे और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा न हो.
मुंबई पुलिस से मिला था पहले ही इनपुट
जानकारी के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच ने RPF को सुबह करीब 9:30 बजे सूचना दी कि तीनों आरोपी ट्रेन में सफर कर रहे हैं. वहीं, कोटा पुलिस को सुबह 9:15 बजे ही आरोपियों के बारे में इनपुट मिल गया था. मुंबई पुलिस ने उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए CCTV फुटेज भी साझा किए थे.
ट्रेन के कोटा पहुंचने से पहले ही पुलिस को पता चल गया था कि तीनों आरोपी जनरल कोच में बैठे हैं. इसके बाद पुलिस और RPF के जवानों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी के अनुसार मोर्चा संभाल लिया.
SI प्रताप सिंह बने यात्री, RPF जवान ने की पहचान
आरोपियों की पहचान करने के लिए RPF जवान सीताराम ने ट्रेन की खिड़की से कोच के भीतर तलाश की. दूसरी ओर, सब इंस्पेक्टर प्रताप सिंह बैग लेकर आम यात्री की तरह आरोपियों के पास जाकर बैठ गए. इस रणनीति का उद्देश्य आरोपियों को सतर्क होने का मौका दिए बिना उनकी स्थिति की पुष्टि करना था.
जानकारी के मुताबिक, दो आरोपी नीचे की सीट पर बैठे थे, जबकि तीसरा ऊपर की बर्थ पर लेटा हुआ था. सभी की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली.
ट्रेन रुकते ही दोनों तरफ से घेरा जनरल कोच
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दूसरी ट्रेन खड़ी होने के कारण ट्रेन को आउटर पर करीब पांच मिनट तक रोका गया. इस दौरान पुलिस और RPF के जवानों ने अपनी तैनाती तय कर ली. आरोपियों की गिरफ्तारी तक ट्रेन को आगे नहीं बढ़ाने के लिए रेलवे के परिचालन विभाग को भी सूचना दी गई थी.
ट्रेन रुकते ही पुलिस और RPF के जवानों ने जनरल कोच को दोनों तरफ से घेर लिया. पूरी कार्रवाई महज तीन से चार मिनट में पूरी कर ली गई और तीनों आरोपियों को पकड़कर कोच से बाहर निकाल लिया गया.
यात्रियों को भनक लगे बिना स्टेशन से निकाला
ऑपरेशन के दौरान यात्रियों की भीड़ और संभावित भगदड़ को ध्यान में रखते हुए जवानों को सादे कपड़ों में तैनात किया गया था. गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को अलग-अलग पुलिसकर्मियों ने अपने कब्जे में लिया.
यात्रियों को कार्रवाई की भनक न लगे, इसलिए आरोपियों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से प्लेटफॉर्म नंबर 2 की ओर होते हुए रंगपुर पुलिया के रास्ते स्टेशन से बाहर निकाला गया. तीनों को सुबह करीब 10:30 बजे स्टेशन के पीछे वाले रास्ते से बाहर ले जाया गया.