Jaipur News: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में हमले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी, स्टाफ की लापरवाही का खुलासा
Jaipur News: जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ के हमले में महिला श्रमिक की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है. रिपोर्ट में 4 स्टाफ की लापरवाही सामने आई है और चार्जशीट की तैयारी है.
Jaipur News: जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ हमले की जांच रिपोर्ट वन विभाग ने सरकार को सौप दी है. लेकिन इस जांच रिपोर्ट में उच्च अफसरों को बचाया गया है. सवाल ये भी है कि जब लापरवाही के कारण बाघ हमले में महिला की मौत हुई, तो दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई.
जांच में स्टाफ की लापरवाही का खुलासा
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघ हमले की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, बाघ शिवाजी के हमले में महिला श्रमिक की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट मुख्य वन संरक्षक को सौंपी गई है. जांच में स्टाफ की लापरवाही का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के आधार पर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के 4 स्टाफ को चार्जशीट देने की तैयारी है. जिसमें रेंजर गौरव कुमार, सहायक वनपाल, नाका प्रभारी प्रदीप कुमार, सहायक वनपाल, एन्क्लोजर प्रभारी सोनू मीणा की लापरवाही सामने आई.
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के इस स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी. घटना के बाद तीनों को APO किया जा चुका है. माना जा रहा है कि जल्द ही इन्हें चार्जशीट थमाई जाएगी, लेकिन सवाल ये है कि उच्च अधिकारियों को इस पूरे मामले की कार्रवाई से बचाया जा रहा है.
सात दिन में पूरी होनी थी जांच
बाघ हमले की घटना की जांच सात दिन में पूरी होनी थी. शुरुआत में जांच की जिम्मेदारी नाहरगढ़ जैविक उद्यान के ACF जितेंद्र सिंह शेखावत को दी गई थी. जांच को लेकर सवाल उठने के बाद जिम्मेदारी बदलकर मुख्य वन संरक्षक अनूप केआर को दी गई और रिपोर्ट सौंपी गई. जांच रिपोर्ट में जैविक उद्यान की व्यवस्था में सुधार और एन्क्लोजर के हिसाब से स्टाफ बढ़ाने की जरूरत भी बताई गई है.
हमले में महिला श्रमिक की हुई थी मौत
2 सितंबर को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में महिला गार्ड की मौजूदगी के दौरान बाघ शिवाजी एन्क्लोजर से बाहर निकला था. इसके बाद बाघ ने एन्क्लोजर नंबर 16 में काम कर रही महिला श्रमिक पर हमला कर दिया. हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल महिला की मौत हो गई थी. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बाघ के हमले के दौरान सात महिला श्रमिकों पर हमला करने का प्रयास किया गया था. इनमें छह महिलाएं खुद को बचाने में सफल रहीं, जबकि एक महिला पर बाघ ने हमला किया और उसकी मौत हो गई.
स्टाफ और व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में जैविक उद्यान की व्यवस्थाओं को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई गई है. एनक्लोजर के हिसाब से पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है. रिपोर्ट के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई के साथ व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि लापरवाही करने वाले दोषियों के खिलाफ कब एफआईआर होगी. क्या विभागीय जांच के नाम से केवल खानापूर्ति ही होगी या फिर उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा.