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Rajasthan News: राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में नारायणपुर थाना पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए किसान की 10 भैंसें बरामद की हैं. ये भैंसें चरने के लिए पहाड़ों पर गई थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. किसान की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास के CCTV कैमरों की मदद से भैंसों के रास्ते का पता लगाया. इसके बाद पुलिस टीम ने सीकर जिले के भगवानपुरा गांव के जंगलों से सभी भैंसों को खोज निकाला. बरामदगी के बाद भैंसें किसान को सौंप दी गईं. पुलिस अब चोरी के आरोपियों की तलाश कर रही है.
3 अक्टूबर को चरने गई थीं भैंसें, वापस नहीं लौटीं
यह मामला खरकड़ी कला गांव के किसान हनुमान गुर्जर से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को उनकी करीब 10 भैंसें गड़ी मामोड़ के पहाड़ों में चरने के लिए गई थीं. काफी समय बीतने के बाद भी जब भैंसें वापस नहीं लौटीं, तो किसान ने उनकी तलाश शुरू की. इस दौरान उन्हें आशंका हुई कि अज्ञात लोग भैंसों को चोरी करके ले गए हैं.
इसके बाद हनुमान गुर्जर ने 6 अक्टूबर को नारायणपुर थाने में भैंस चोरी होने का मामला दर्ज कराया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
CCTV कैमरों से मिला भैंसों के रास्ते का सुराग
भैंसों की बरामदगी के लिए नारायणपुर पुलिस ने एक टीम बनाई. पुलिस टीम ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और भैंसों को ले जाने वाले संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई. जांच के दौरान पुलिस को भैंसों के सीकर की ओर ले जाए जाने का सुराग मिला.
इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने सीकर जिले में तलाश शुरू की. आखिरकार सभी 10 भैंसें भगवानपुरा गांव के जंगलों में बंधी हुई मिलीं. पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में लेकर किसान तक पहुंचाने की कार्रवाई की.
किसान को सौंपीं सभी भैंसें, आरोपियों की तलाश जारी
नारायणपुर पुलिस ने बरामद सभी भैंसें किसान हनुमान गुर्जर को सौंप दी हैं. भैंसें वापस मिलने से किसान को राहत मिली है. पुलिस ने थाने के सामने सभी भैंसों को खड़ा करवाकर उनकी तस्वीरें भी खिंचवाईं और मामले के खुलासे की जानकारी दी.
भैंसों की बरामदगी के बाद नारायणपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पुलिस की कार्रवाई की चर्चा हो रही है. हालांकि, भैंसों को चोरी करने वाले लोगों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की तलाश अभी जारी है. अब जांच का अगला अहम पहलू यह पता लगाना है कि भैंसों को कौन ले गया था और उन्हें सीकर के जंगलों में किस उद्देश्य से रखा गया था.