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जयपुर जिले के जोबनेर स्थित महेशवास पहाड़ी की पत्थर की खान में मजदूरों के दबने की घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हादसे में एक मजदूर को देर रात खान से निकाल लिया गया, जबकि दूसरा मजदूर अभी भी पत्थरों के मलबे में दबा हुआ है. उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें जुटी हुई हैं. घायल मजदूर का अस्पताल में उपचार चल रहा है. घटनास्थल पर आधा दर्जन JCB और पोकलेन मशीनों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है.
एक मजदूर को देर रात निकाला, दूसरे की तलाश जारी
जोबनेर की महेशवास पहाड़ी पर पत्थरों की खान में हुए हादसे के बाद बचाव अभियान चलाया जा रहा है. देर रात एक मजदूर को खान से बाहर निकाल लिया गया. हादसे में घायल इस मजदूर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.
वहीं, दूसरा मजदूर अभी भी पत्थरों के मलबे में दबा हुआ है. उसे बाहर निकालना रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती बना हुआ है. SDRF और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और लगातार बचाव कार्य कर रही हैं.
JCB और पोकलेन मशीनों से मलबा हटाने का प्रयास
मलबे में दबे दूसरे मजदूर को निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसके लिए आधा दर्जन JCB और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं. मशीनों की मदद से पत्थरों और मलबे को हटाकर मजदूर तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी भी सूचना मिलने के बाद देर रात से घटनास्थल पर मौजूद हैं. उनकी मौजूदगी में बचाव अभियान जारी है. फिलहाल दूसरे मजदूर को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं.
क्रेशर मालिक पर देरी से सूचना देने का आरोप
इस हादसे के बाद क्रेशर मालिक पर प्रशासन को सूचना देने में देरी करने का आरोप लगा है. आरोप है कि हादसे के करीब तीन घंटे बाद प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में क्रेशर मालिक की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे. इसके बाद मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया.
ग्रामीणों ने लगाए अवैध खनन के आरोप
महेशवास पहाड़ी पर हुए हादसे के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने यहां अवैध खनन होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों के आरोपों के बाद पहाड़ी पर खनन गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.