लापरवाही या बेरहमी? ड्यूटी कैंसिल के आवेदन के बाद भी हार्ट के मरीज की SDM ने लगा दी ड्यूटी, अब अस्पताल में चल रहा है इलाज!
डूंगरपुर में हार्ट की बीमारी से पीड़ित शिक्षक सोमेश्वर की चुनाव ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ गई. शिक्षक का आरोप है कि मेडिकल दस्तावेज देने के बाद भी उन्हें ड्यूटी से राहत नहीं मिली. उन्हें पहले बिछीवाड़ा PHC और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया. इलाज जारी है.
डूंगरपुर जिले में चुनाव ड्यूटी के दौरान एक शिक्षक की तबीयत बिगड़ गई. शिक्षक सोमेश्वर का आरोप है कि उन्होंने अपनी गंभीर हृदय संबंधी बीमारी के दस्तावेज दिखाकर चुनाव ड्यूटी से राहत मांगी थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी ड्यूटी लगा दी गई. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले बिछीवाड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया. फिलहाल उनका इलाज जारी है.
पेसमेकर लगा होने के बाद भी लगाई ड्यूटी
मामला बिछीवाड़ा पंचायत समिति के चुंडावाड़ा क्षेत्र का है. पीड़ित शिक्षक सोमेश्वर शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) हैं. उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं. मार्च 2025 में उदयपुर के गीतांजलि अस्पताल में उनके दिल का बड़ा ऑपरेशन हुआ था. इसके बाद उनके शरीर में पेसमेकर लगाया गया था. शिक्षक के मुताबिक, डॉक्टरों ने उन्हें सावधानी बरतने, तले-भुने और मसालेदार खाने से बचने, ज्यादा शारीरिक तनाव नहीं लेने और हर दो घंटे काम के बाद आराम करने की सलाह दी थी.
एडीएम को मेडिकल दस्तावेज दिखाने का दावा
सोमेश्वर ने बताया कि उन्होंने चुनाव ड्यूटी से छूट के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) प्रकाश रैगर से मुलाकात की थी. इस दौरान अपनी बीमारी से जुड़ी मेडिकल फाइल, रिपोर्ट और पेसमेकर के दस्तावेज भी दिखाए थे. शिक्षक का आरोप है कि उनकी बीमारी को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी से राहत नहीं दी गई. उन्होंने दावा किया कि एडीएम ने उनसे कहा, "जब आप इस हालत में स्कूल में पढ़ा सकते हैं, तो चुनाव ड्यूटी क्यों नहीं कर सकते?" इसके बाद उनका आवेदन खारिज कर दिया गया. शिक्षक को चुंडावाड़ा में चुनाव ड्यूटी पर जाना पड़ा.
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
शिक्षक के अनुसार, ड्यूटी के दौरान उन्हें पेट फूलने, घबराहट, चक्कर आने, आंखों के आगे धुंधलापन छाने और ज्यादा पसीना आने जैसी परेशानी हुई. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके जूते-मोजे उतारे और पैरों की मालिश की. इसके बाद 108 एम्बुलेंस से उन्हें बिछीवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. वहां प्राथमिक उपचार और बीपी जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल डूंगरपुर रेफर कर दिया. फिलहाल शिक्षक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.