जल जीवन मिशन घोटाले में महेश जोशी को राहत: सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत, ये 8 आरोपी अभी भी जेल में बंद
Rajasthan JJM Scam: राजस्थान JJM घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जल मंत्री महेश जोशी को जमानत दे दी है. ACB ने उन्हें 7 मई 2026 को गिरफ्तार किया था. इस मामले में 969 करोड़ रुपये के टेंडर में कथित गड़बड़ी के आरोप हैं. वहीं पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल समेत 8 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं.
Rajasthan JJM Scam: राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाले मामले में पूर्व जल मंत्री महेश जोशी को राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत दे दी है. महेश जोशी को करीब 6 महीने पहले एसीबी ने जेजेएम घोटाले के आरोपो में गिरफ्तार किया था. अभी इस मामले में और इंजीनियर्स जेल में है.
6 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे पूर्व मंत्री
जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. एसीबी ने महेश जोशी को 7 मई 2026 की सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने 12 अक्टूबर को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज बेंच ने फैसला सुनाते हुए पूर्व मंत्री जोशी को जमानत का लाभ दिया. सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब महेश जोशी करीब 6 महीने बाद जेल से बाहर आ सकेंगे.
एसीबी की एसआईटी ने किया था गिरफ्तार
इससे पहले इसी मामले में ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 24 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था. उस समय भी जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी. उस दौरान वे करीब 7 महीने जेल में रहे थे. महेश जोशी के अलावा प्राइवेट व्यक्ति मुकेश पाठक को भी गिरफ्तार किया था. मुकेश पाठक इरकॉन कंपनी में ठेके पर काम करता था. इससे पहले पीएचईडी के एडिशनल चीफ इंजीनियर शुभांशु दीक्षित और प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बड़ाया को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. सभी आरोपियों को एसीबी की एसआईटी ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया था.
ये 8 आरोपी अभी जेल की सलाखों के पीछे
सुबोध अग्रवाल पूर्व आईएएस तत्कालीन पीएचईडी एसीएस, केडी गुप्ता तत्कालीन शहरी चीफ इंजीनियर, दिनेश गोयल तत्कालीन स्पेशल प्रोजेक्ट चीफ इंजीनियर, DK गौड़ तत्कालीन तकनीकी चीफ इंजीनियर, निरिल कुमार तत्कालीन अधीक्षण अभियंता जेजेएम, सुशील शर्मा तत्कालीन वित्तीय सलाहकार जेजेएम, एमपी सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियंता डीडवाना, विशाल सक्सेना तत्कालीन अधिशाषी अभियंता ये सभी अभी जेल में हैं.
इंजीनियर्स ने लगाई है याचिका
पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत कई आरोपियों की सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब कई इंजीनियर्स ने भी जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इरकॉन कंपनी के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए गणपति और श्री श्याम ट्यूबवेल फर्म को करीब 969 करोड के टैंडर दिए थे. जिसमें राजस्थान में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हुई. अब सूत्र बताते हैं कि कई आरोपियों ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है.