भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बड़ा धमाका ! रेलवे ट्रैक उड़ाने की साजिश से थर्राया श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर में रामसिंहपुर क्षेत्र में गांव 50 जीबी के पास मंगलवार रात अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर यात्री ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद संदिग्ध विस्फोट हुआ. धमाका इतना जोरदार था कि रेलवे ट्रैक के नीचे लगे सीमेंट के दो ब्लॉक (स्लीपर) पूरी तरह टूट गए और पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया. विस्फोट की आवाज करीब 200 मीटर दूर स्थित ढाणी सहित आसपास के गांवों तक सुनाई दी. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया.
Anoopgarh Suratgarh Railway Track Blast: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक पर हुए इस धमाके के बाद पुलिस, रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीआईडी, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और एफएसएल की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि विस्फोट किस सामग्री से किया गया और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसी की साजिश तो नहीं थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने बुधवार को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर संचालित होने वाली चारों रेलसेवाएं रद्द कर दीं.
अक्टूबर में रावला क्षेत्र में पकड़ा गया था विस्फोटक और हथियारों का जखीरा
इस घटना के बीच श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में अक्टूबर महीने में सुरक्षा एजेंसियों की ओर से पकड़े गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का मामला भी चर्चा में है. पाकिस्तान सीमा से सटे रावला मंडी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी. बरामद सामग्री में 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स, दो पिस्तौल, चार मैगजीन और करीब 867 कारतूस शामिल थे. इसके अलावा पांच बैटरियां और दो रिमोट भी बरामद किए गए थे. उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संभावित बड़ी साजिश के पहलुओं की जांच की थी. हालांकि रावला में हुई बरामदगी और रामसिंहपुर रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के बीच किसी तरह का संबंध होने की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. जिला कलक्टर ने भी इसकी आपसी सम्बन्ध को पूरी तरह नकारा हैं.
कैसे और कब हुआ ट्रैक पर ब्लास्ट ?
रामसिंहपुर सीआई राम प्रताप के अनुसार मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन रवाना हुई थी. करीब 9 बजे ट्रेन 50 जीबी गांव के आसपास पहुंची. ग्रामीणों ने बताया कि ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद रात पौने दस बजे रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ. इसकी आवाज सुनकर करीब 200 मीटर दूर स्थित ढाणी में रहने वाले किसान और ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए. शुरुआत में ग्रामीणों को किसी सड़क दुर्घटना की आशंका हुई, लेकिन आवाज की दिशा में पहुंचने पर रेलवे ट्रैक के पास विस्फोट होने की जानकारी सामने आई. ग्रामीणों ने तत्काल रेलवे गेटमैन को सूचना दी. इसके बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस को अवगत करवाया गया. रात करीब 11 बजे रामसिंहपुर पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने घटनास्थल को अपने सुरक्षा घेरे में लेकर आवाजाही बंद करवा दी.
दो सीमेंट स्लीपर पूरी तरह टूटे, पटरियों के नीचे बना दो फीट गहरा गड्ढा
धमाके के कारण रेलवे पटरी के नीचे लगाए गए सीमेंट के दो ब्लॉक यानी स्लीपर पूरी तरह टूट गए. इन स्लीपरों में लगा कंक्रीट बिखर गया और अंदर की लोहे की सरियों का ढांचा भी साफ दिखाई देने लगा. धमाके के चलते पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया. सीमेंट के दोनों ब्लॉकों के टूटने और उनके भीतर लगी लोहे की छड़ों के बाहर निकलने से हुए नुकसान हुआ. विस्फोट से स्लीपरों के आसपास की गिट्टी भी बिखर गई. रेलवे ट्रैक के नीचे का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से पटरी को मिलने वाला आधार प्रभावित हुआ है. ऐसे में इस मार्ग पर रेल यातायात बहाल करने से पहले ट्रैक की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत करना जरूरी हो गया. रेलवे के इंजीनियरिंग अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया. हालांकि पटरी और अन्य तकनीकी हिस्सों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन जांच और रेलवे की तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
रात दो बजे पहुंची आईबी-सीआईडी, सवा दो बजे एटीएस के अधिकारी भी पहुंचे
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव स्वयं मौके पर पहुंचे. रात करीब दो बजे इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और सीआईडी की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं. इसके बाद रात करीब सवा दो बजे एटीएस के एडिशनल एसपी सुरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे. सीआईडी की दीक्षा कमरा और एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. एफएसएल विशेषज्ञों ने विस्फोट से जुड़े साक्ष्य और नमूने एकत्रित किए, ताकि विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री की प्रकृति का पता लगाया जा सके. जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता कितनी थी और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है, इसकी जांच की जा रही है. एफएसएल की टीम यहां से नमूने लेकर जांच करेगी. फिलहाल जांच एजेंसियां विस्फोट के कारणों और इसके पीछे संभावित मंशा का पता लगाने में जुटी हैं.
सुरक्षा के मद्देनजर सूरतगढ़-अनूपगढ़ के बीच चारों रेलसेवाएं रद्द
रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोट और सुरक्षा जांच को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने बुधवार, 4 नवंबर को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रेलखंड पर संचालित होने वाली चारों रेलसेवाएं रद्द कर दी. उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार अपरिहार्य कारणों के चलते इन रेलसेवाओं का संचालन प्रारंभिक स्टेशन से नहीं किया जाएगा. रद्द की गई रेलसेवाओं में गाड़ी संख्या 59715 सूरतगढ़-अनूपगढ़, 59716 अनूपगढ़-सूरतगढ़, 59711 सूरतगढ़-अनूपगढ़ तथा 59712 अनूपगढ़-सूरतगढ़ शामिल हैं. इनमें सुबह 5:45 बजे सूरतगढ़ से अनूपगढ़ पहुंचने वाली, सुबह 6:15 बजे अनूपगढ़ से बठिंडा जाने वाली, सुबह 9:35 बजे सूरतगढ़ से अनूपगढ़ पहुंचने वाली और सुबह 10:35 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ रवाना होने वाली रेलसेवाएं शामिल हैं. घटना के बाद सुरक्षा और जांच के चलते सुबह नौ बजे तक रेलसेवाओं का संचालन प्रभावित रहा.