रेतीले धोरों में गूंजता 'जय हिंद': रोजगार नहीं, पारिवारिक विरासत है शेखावाटी में फौजी बनना
Shekhawati Army Recruitment: शेखावाटी में सेना में जाना युवाओं के लिए सिर्फ रोजगार हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा और देश सेवा की भावना से जुड़ा सपना है. सीकर के जिला खेल स्टेडियम में 1 से 23 अक्टूबर तक अग्निवीर सेना भर्ती रैली आयोजित होगी. इसमें सीकर और जयपुर जिले के करीब 13 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है. भर्ती को लेकर युवाओं ने शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारियां तेज कर दी हैं.
Agniveer Recruitment Rally: शेखावाटी की पहचान सिर्फ अपनी हवेलियों, कला और वीरता की कहानियों के लिए ही नहीं है, बल्कि यहां की धरती ने देश को बड़ी संख्या में सैनिक भी दिए हैं. सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में सेना में भर्ती होना युवाओं के लिए लंबे समय से गर्व और सम्मान का विषय रहा है. कई परिवारों में दादा से लेकर पिता और बेटे तक सेना की वर्दी पहनने की परंपरा देखने को मिलती है. ऐसे में यहां फौजी बनना महज रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत और देश सेवा से जुड़ा सपना माना जाता है.
सीकर में 1 से 23 अक्टूबर तक अग्निवीर भर्ती
इसी जज्बे के बीच सीकर के जिला खेल स्टेडियम में 1 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक अग्निवीर सेना भर्ती रैली आयोजित होने जा रही है. भर्ती रैली में सीकर और जयपुर जिले के करीब 13 हजार अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है. बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल होने के अपने सपने को पूरा करने के लिए मैदान में उतरेंगे.
भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. सुबह-सुबह मैदानों और सड़कों पर दौड़ लगाते युवा दिखाई दे रहे हैं. कई अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता से जुड़ी तैयारियों के साथ-साथ लिखित परीक्षा की तैयारी में भी जुटे हैं. उनके लिए यह सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने का मौका भी है.
गांव-गांव में दिखता है सेना का असर
शेखावाटी के ग्रामीण इलाकों में सेना की नौकरी को लेकर खास आकर्षण रहा है. गांवों में ऐसे कई परिवार मिलते हैं, जिनके सदस्य अलग-अलग समय पर सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. सेवानिवृत्त सैनिक नई पीढ़ी को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते हैं और युवाओं को अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और देश सेवा का महत्व बताते हैं.
यही वजह है कि यहां सेना भर्ती की तैयारी कई युवाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है. सुबह की दौड़ से लेकर व्यायाम और पढ़ाई तक, अभ्यर्थी महीनों पहले से खुद को तैयार करते हैं.
'जय हिंद' के साथ मैदान में उतरेंगे युवा
सीकर में होने वाली अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने वाले करीब 13 हजार युवाओं की निगाहें अब अपने लक्ष्य पर हैं. किसी के लिए यह परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाने का मौका है तो किसी के लिए देश की सेवा करने का सपना. शेखावाटी की धरती पर जब ये युवा भर्ती मैदान में दौड़ेंगे, तो उनके साथ सिर्फ नौकरी पाने की उम्मीद नहीं, बल्कि सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का जज्बा भी होगा.