वेतन मांगने पर FIR की धमकी का आरोप: सपोटरा नगर पालिका में बवाल, सफाई कर्मचारी और EO के विवाद का वीडियो वायरल
Rajasthan News: सपोटरा नगर पालिका में वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया. वेतन की मांग और ऑटो टीपर की चाबी को लेकर कर्मचारियों व अधिशासी अधिकारी के बीच कहासुनी हुई. कर्मचारियों ने धमकी देने का आरोप लगाया, जबकि अधिकारी ने आरोपों को निराधार बताया.
Karauli News: करौली जिले की सपोटरा नगर पालिका में वेतन भुगतान को लेकर सफाई कर्मचारियों और अधिशासी अधिकारी (EO) के बीच विवाद का मामला सामने आया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वेतन नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर रखा है. इसी दौरान वेतन की मांग और नगर पालिका के ऑटो टीपर की चाबी को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई. कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी पर धमकी देने और मनमानी करने के आरोप लगाए हैं, जबकि अधिकारी ने इन आरोपों को गलत बताया है.
वेतन नहीं मिलने से नाराज हैं सफाई कर्मचारी
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है. इसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों के मुताबिक, वे कई बार वेतन भुगतान की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने कार्य बहिष्कार कर रखा है.
EO पर धमकी देने का आरोप
सफाई कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी गजेंद्र कुमार छाबड़ा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जब भी वे वेतन की मांग करते हैं, तो उन्हें एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी जाती है. कर्मचारियों ने अधिकारी पर मनमानी करने का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि वेतन नहीं मिलने से घर चलाने में परेशानी हो रही है. ऐसे में वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनका बकाया वेतन दिया जाए.
ऑटो टीपर की चाबी को लेकर भी हुआ विवाद
वेतन भुगतान के साथ नगर पालिका के ऑटो टीपर की चाबी को लेकर भी विवाद सामने आया है. अधिशासी अधिकारी गजेंद्र कुमार छाबड़ा के मुताबिक, सफाई कर्मचारी पहले से ही वेतन की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने ऑटो टीपर की चाबी मांगी, लेकिन चालक विनोद कुमार ने चाबी देने से मना कर दिया. अधिकारी के अनुसार, चालक ने पहले वेतन भुगतान करने की मांग रखी और कहा कि वेतन मिलने के बाद ही चाबी दी जाएगी. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ.
अधिशासी अधिकारी ने आरोपों को बताया गलत
अधिशासी अधिकारी गजेंद्र कुमार छाबड़ा ने कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी कर्मचारी को एफआईआर दर्ज कराने की धमकी नहीं दी. उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद वेतन भुगतान की मांग और ऑटो टीपर की चाबी को लेकर हुआ था.
फिलहाल, इस मामले में सफाई कर्मचारियों और अधिशासी अधिकारी के अलग-अलग दावे सामने आए हैं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है. कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या का समाधान कब होगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है.