अलवर में सियासी ड्रामा: वन मंत्री की गाड़ी के पीछे दौड़ते रहे महापौर पति,बिना रुके अचानक रवाना हुए मंत्री जी!
अलवर नगर निगम में गांधी जयंती कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री संजय शर्मा माल्यार्पण के बाद अचानक रवाना हो गए. इस दौरान महापौर सुमन लता के पति अजय अग्रवाल उन्हें रोकने के लिए पीछे से आवाज लगाते और गाड़ी तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन मंत्री की गाड़ी आगे बढ़ गई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, हालांकि मंत्री के अचानक जाने की वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
Alwar News: अलवर नगर निगम में गांधी जयंती के कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने लोगों का ध्यान खींचा. दरअसल यहां वन मंत्री संजय शर्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कार्यक्रम स्थल से अचानक रवाना हो गए. मंत्री के रवाना होने के दौरान नगर निगम महापौर सुमन लता के पति अजय अग्रवाल उन्हें पीछे से आवाज लगाते हुए नजर आए.
वीडियो में भी दिखा कि संजय शर्मा माल्यार्पण के बाद अपनी गाड़ी की ओर बढ़ते हैं और फिर गाड़ी में बैठकर रवाना होने लगते हैं. इसी दौरान अजय अग्रवाल पीछे से उन्हें रोकने और बुलाने कोशिश करते दिखते हैं. अजय अग्रवाल मंत्री की गाड़ी तक भी पहुंचते हैं,लेकिन तब तक गाड़ी आगे बढ़ जाती है और मंत्री वहां से रवाना हो जाते हैं.
अचानक मंत्री जी हुए रवाना
मंत्री के कार्यक्रम स्थल से इस तरह अचानक रवाना होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि,इस पूरे घटनाक्रम के पीछे वास्तविक वजह क्या रही, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं,जब अजय अग्रवाल से मंत्री के अचानक चले जाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले वन मंत्री संजय शर्मा को फोन किया था. उनके मुताबिक,कई बार फोन करने के बावजूद मंत्री ने फोन रिसीव नहीं किया था. अजय अग्रवाल ने कहा कि संभव है मंत्री का कोई व्यक्तिगत काम रहा हो,जिसकी वजह से वे कार्यक्रम में ज्यादा देर नहीं रुक पाए और तुरंत रवाना हो गए.
मंत्री के पीछे दौड़ते रहे मेयर पति
फिलहाल सामने आए वीडियो में जिस तरह अजय अग्रवाल मंत्री की गाड़ी के पीछे जाते हुए उन्हें रुकने के लिए आवाज लगाते नजर आ रहे हैं,उसने इस घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया है. मंत्री के अचानक रवाना होने और अजय अग्रवाल के उन्हें रोकने के प्रयास को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. कुछ लोग इसे मंत्री महोदय की नाराजगी बता रहे है.
क्या इस बार भी नाराजगी की है कोई वजह ?
ज्यादा दिन नहीं हुए जब अलवर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दे पर हंगामा हुआ था और वन राज्य मंत्री संजय शर्मा भी धरने पर बैठ गये थे और कलेक्टर और निगम कमिश्नर की जमकर क्लास लगायी थी.
5 घंटे तक धरना हुआ था और 5 नियुक्ति पक्ष लेकर एडीएम और आयुक्त मंत्री महोदय के पास पहुंचे थे, सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गये थे, तब धरना समाप्त हुआ था.
वहीं कुछ वक्त पहले मंत्री संजय शर्मा जब सीकर में एक सेवा शिविर का अचानक औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे तो भारी अव्यवस्था,कुप्रबंधन और आम जनता की परेशानी और अधिकारियों की भारी लापरवाही पर नाराजगी जतायी थई और उच्च अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते, नाराज दिखे थे.