पति की तलाश करती रही दुनिया, घर की छत पर नीले ड्रम में दफन था सच... मेरठ के बाद राजस्थान में भी रची गई थी खौफनाक साजिश
Blue Drum Murder Case: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में अगस्त 2025 में सामने आया हंसराज हत्याकांड मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ मामले से मिलता-जुलता था. दोनों मामलों में पति की हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाने का आरोप सामने आया और दोनों में पत्नी के साथ एक करीबी पुरुष पर भी हत्या में शामिल होने का आरोप लगा. पढ़ें खबर विस्तार से...
Rajasthan Crime Files: एक शहर उत्तर प्रदेश का मेरठ... दूसरा राजस्थान का अलवर. दोनों जगहों के बीच सैकड़ों किलोमीटर का फासला है, लेकिन अगस्त 2025 में अलवर के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में सामने आई एक हत्या ने मेरठ के चर्चित 'नीला ड्रम' हत्याकांड की याद दिला दी. दोनों मामलों में कहानी पति की हत्या से शुरू होती है. दोनों में शव को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल किया गया. और दोनों मामलों की जांच में पत्नी के साथ एक करीबी पुरुष के कथित संबंधों की बात सामने आई. दोनों वारदातों के पीछे की कहानी, हत्या का तरीका और पुलिस के मामले तक पहुंचने की वजह अलग-अलग रही. यानी एक नीला ड्रम... दो अलग शहर... दो अलग वारदातें... लेकिन दोनों मामलों में सामने आई समानता ने इन हत्याकांडों को एक-दूसरे की याद से जोड़ दिया.
मेरठ में सौरभ की हत्या... फिर शव के किए गए टुकड़े
मेरठ में 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या का मामला सामने आया. अभियोजन के मुताबिक, सौरभ की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला ने की. हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए. फिर उन्हें एक नीले ड्रम में रखा गया और ड्रम को सीमेंट से ढक दिया गया, ताकि शव को छिपाया जा सके. यह मामला सामने आने के बाद पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया. जांच आगे बढ़ी तो पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप लगा और मामला अदालत तक पहुंचा.
अलवर में हंसराज... और फिर सामने आया नीला ड्रम
मेरठ की घटना के कुछ ही महीनों बाद राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में एक ऐसी ही कहानी सामने आई. यहां हंसराज अपनी पत्नी लक्ष्मी और तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहता था. इसी मकान के मालिक का बेटा जितेंद्र भी ईंट भट्ठे पर काम करता था. पुलिस जांच के मुताबिक, लक्ष्मी और जितेंद्र के बीच कथित संबंध थे. पुलिस का कहना था कि हंसराज को इन संबंधों का शक था और इसी वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद होता था.
15 अगस्त की रात क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, इसी रात हंसराज की हत्या कर दी गई. इसके बाद शव को एक नीले ड्रम में रखा गया. मेरठ की तरह यहां भी शव को ड्रम में छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन दोनों मामलों में तरीका अलग था. अलवर के मामले में पुलिस के अनुसार ड्रम में शव रखने के साथ उसमें नमक भी डाला गया था. अलवर के किशनगढ़बास में हंसराज की हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाकर मकान की छत पर रख दिया गया था. अगले दिन ड्रम से बदबू आने पर मामला खुला और जांच में हंसराज का शव बरामद हुआ.
बेटे के बयान से पुलिस को मिली अहम कड़ी
पुलिस के मुताबिक, हंसराज के छोटे बेटे ने रात की घटनाओं के बारे में जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने हंसराज की पत्नी लक्ष्मी और जितेंद्र की तलाश शुरू की. दोनों बच्चों को साथ लेकर वहां से चले गए थे और पुलिस ने उन्हें अलवर के रामगढ़ क्षेत्र के अलावड़ा गांव में एक ईंट भट्ठे से पकड़ा. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल की.
मेरठ के सौरभ हत्याकांड से मिली समानता
हंसराज हत्याकांड ने मेरठ के सौरभ राजपूत 'नीला ड्रम' हत्याकांड की याद दिला दी. दोनों मामलों में पति की हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाया गया. पुलिस जांच में दोनों मामलों में पत्नी और एक करीबी पुरुष के कथित संबंधों की बात भी सामने आई.
अब मेरठ केस में फैसले का इंतजार
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में 126 तारीखों और 22 से अधिक गवाहियों के बाद सुनवाई पूरी हो चुकी है. 30 सितंबर 2026 को फैसला आने की संभावना है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर फैसला होना है. अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.