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मानसून ब्रेक के बाद खुले सरिस्का के दरवाजे: तीन महीने बाद फिर गुलजार हुआ जंगल, 56 बाघों के दीदार की उम्मीद

Sariska Tiger Reserve: मानसून के तीन महीने के ब्रेक के बाद अलवर का सरिस्का बाघ अभयारण्य 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए फिर खोल दिया गया है. सफारी शुरू होते ही बड़ी संख्या में पर्यटक सरिस्का पहुंचे. वन विभाग और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों का तिलक और माला पहनाकर स्वागत किया.

Written By Ansh Raj
Published: Oct 01, 2026, 11:17 AM IST | Updated: Oct 01, 2026, 11:18 AM IST
Image Credit: Sariska Jungle Safari
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Sariska Jungle Safari: मानसून के तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद अलवर स्थित सरिस्का बाघ अभयारण्य एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. गुरुवार, 1 अक्टूबर से नए पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही सरिस्का में जंगल सफारी शुरू हो गई. सफारी के पहले दिन ही बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे. लंबे समय बाद जंगल में पहुंचने वाले सैलानियों में वन्यजीवों और खासकर बाघों के दीदार को लेकर खासा उत्साह नजर आया.

तिलक-माला से पर्यटकों का स्वागत

सफारी शुरू होने के मौके पर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों ने पर्यटकों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया. जंगल सफारी पर रवाना होने से पहले पर्यटकों को वन विभाग की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए. इसके बाद पर्यटकों को निर्धारित रूटों पर सफारी के लिए रवाना किया गया.

एक महीने की सफारी बुकिंग पहले ही पूरी

सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह कटियार ने बताया कि करीब तीन महीने बाद सरिस्का को पर्यटकों के लिए खोला गया है. नए पर्यटन सीजन को लेकर सैलानियों में काफी उत्साह है. उन्होंने बताया कि सफारी की एक महीने की बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है. मानसून के दौरान प्रभावित हुए सफारी ट्रैक को भी दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम सफारी कराई जा सके.

सरिस्का में करीब 56 बाघ

सरिस्का में फिलहाल करीब 56 बाघ बताए जा रहे हैं. इनमें 11 टाइगर, 18 टाइग्रेस और 27 शावक शामिल हैं. बाघों की इस संख्या के चलते नए पर्यटन सीजन में टाइगर साइटिंग को लेकर पर्यटकों में खासा रोमांच है. हालांकि जंगल में वन्यजीवों का दीदार पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

35 सफारी वाहन, जिप्सी-कैंटर की सुविधा

पर्यटकों के लिए सरिस्का में कुल 35 सफारी वाहन उपलब्ध हैं. इनमें जिप्सी और कैंटर शामिल हैं. एक जिप्सी में अधिकतम छह पर्यटक, जबकि एक कैंटर में करीब 20 पर्यटक सफारी कर सकते हैं. इनमें 28 वाहनों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था है. पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में वाहनों की बुकिंग हो चुकी है.

सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

वन विभाग ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वनकर्मियों को विशेष निर्देश दिए हैं. पर्यटकों को निर्धारित सफारी रूट पर ही रहने और किसी भी स्थिति में वाहन से नीचे नहीं उतरने की हिदायत दी गई है. तीन महीने की खामोशी के बाद सरिस्का में फिर सफारी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है. जंगल की हरियाली, वन्यजीवों की मौजूदगी और बाघों के दीदार की उम्मीद के बीच नए पर्यटन सीजन से सरिस्का में फिर रौनक लौट आई है.

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About the Author

अंश राज Zee Rajasthan में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. राजस्थान की हर छोटी-बड़ी खबर पर उनकी पैनी नजर रहती है. क्राइम, पॉलिटिक्स और पावर कॉरिडोर से जुड़ी खबरों में उनकी खास दिलचस्पी है. नई चीजों को सीखने की फिराक में रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर से लेकर विधानसभा चुनावों और प्रदेश के दिग्गज नेताओं के हर बड़े बयान तक, अंश राज खबरों की नब्ज पर नजर रखते हैं. हेडलाइन से खेलना, खबर की काट-छांट करना और किसी भी स्टोरी को ज्यादा प्रभावी और रोचक अंदाज में पेश करना उनकी खासियत है. खबर को सिर्फ लिखना नहीं, बल्कि उसे बेहतर तरीके से पैकेज कर दर्शकों तक पहुंचाना उनके काम का अहम हिस्सा है.  डिजिटल मीडिया में करीब 3 साल का अनुभव रखने वाले अंश राज इससे पहले Zee Uttar Pradesh/Uttarakhand और Zee Bharat के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में मास्टर्स किया है. खबरों की गंध को सबसे पहले पहचानना, उसकी तह तक पहुंचना और उसे सबसे पहले, सबसे तेज और सबसे बेहतर तरीके से दर्शकों तक पहुंचाना... यही अंश राज की पहचान है.
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