RCA चुनाव में विवाद: बैलेट की गोपनीयता पर सवाल, किस पर लगा तीन जिला संघों को वोटिंग से दूर रखने का आरोप?
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के चुनाव में मतदान प्रक्रिया और बैलेट की गोपनीयता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव अधिकारी को दी गई दो शिकायतों में बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा जिला क्रिकेट संघों को वोटिंग से दूर रखने का आरोप लगाया गया है. वहीं, सचिव पद के उम्मीदवार मोहित यादव ने बैलेट पेपर पर सीरियल नंबर को लेकर आपत्ति जताते हुए मतपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने की मांग की है. शिकायतकर्ताओं ने दोनों शिकायतों को चुनाव के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की है.
Rajasthan News: राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के चुनाव को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है. मतदान प्रक्रिया, बैलेट पेपर की गोपनीयता और तीन नवगठित जिला क्रिकेट संघों की वोटिंग को लेकर सवाल उठाए गए हैं. इस संबंध में चुनाव अधिकारी को दो लिखित शिकायतें दिए जाने की बात सामने आई है. शिकायतों में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता पर सवाल उठाते हुए दोनों शिकायतों को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की गई है.
दो शिकायतों से बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, धनंजय सिंह खींवसर, मोहित यादव और आशीष तिवाड़ी के हस्ताक्षर वाली शिकायतों में RCA चुनाव की प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुछ जिला क्रिकेट संघों को मतदान से दूर रहने के निर्देश दिए गए. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
तीन जिला क्रिकेट संघों की वोटिंग को लेकर सवाल
शिकायत में बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और खैरथल-तिजारा के नवगठित जिला क्रिकेट संघों का उल्लेख किया गया है. आरोप है कि इन तीनों संघों को वोट नहीं डालने और चुनाव प्रक्रिया से दूर रहने के निर्देश दिए गए. शिकायत में वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के प्रभाव में चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप होने का आरोप भी लगाया गया है.
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अगर जिला संघों को मतदान से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं, तो इससे चुनाव की निष्पक्षता और प्रशासनिक तटस्थता को लेकर सवाल खड़े होते हैं. इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है.
बैलेट पेपर के सीरियल नंबर पर भी आपत्ति
RCA सचिव पद के उम्मीदवार मोहित यादव ने बैलेट पेपर पर सीरियल नंबर या किसी अन्य पहचान योग्य निशान को लेकर चुनाव अधिकारी के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है. शिकायत में मुख्य बैलेट पेपर पर ऐसे निशान नहीं रखने की मांग की गई है, जिनके जरिए किसी मतपत्र को संबंधित मतदाता से जोड़ा जा सके.
33 से 36 मतदाताओं का हवाला, गोपनीयता पर चिंता
शिकायत में कहा गया है कि निर्वाचक मंडल में मतदाताओं की संख्या करीब 33 से 36 होने के कारण सीरियल नंबर के जरिए बैलेट और मतदाता के बीच संबंध स्थापित किए जाने की आशंका हो सकती है. इसी आधार पर बैलेट पेपर की गोपनीयता सुनिश्चित करने की मांग की गई है.
चुनाव अधिकारी के रिकॉर्ड में शिकायतें शामिल करने की मांग
शिकायतकर्ताओं ने दोनों शिकायतों को RCA चुनाव की आधिकारिक कार्यवाही और रिकॉर्ड में शामिल करने की मांग की है. अब चुनाव अधिकारी की ओर से इन आपत्तियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी. फिलहाल, बैलेट की गोपनीयता और तीन जिला संघों की मतदान प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने RCA चुनावों की मतगणना पर रोक लगा दी थी. एडॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीन जिला संघों के अध्यक्ष पद के मतदान पर रोक लगाने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि परिणामों को सीलबंद लिफाफे में रखा जाए, जब तक कि उच्च न्यायालय इस मामले से जुड़े मुद्दों का निपटारा नहीं कर देता. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मेघा गौड़ और डी.डी. कुमावत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी, अरुंधति काटजू और धनुर्धर सिंह राणा ने पक्ष रखा था.