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Rajasthan Crime: रतनगढ़ के सांगासर में दो संतों के बीच हुए झगड़े में 57 वर्षीय संत बन्नानाथ की मौत हो गई. आरोप है कि मौत के बाद संत के शव को मिट्टी में दबाकर वहीं समाधि दे दी गई. बुधवार को जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो मौके पर बवाल मच गया. ग्रामीणों ने शव को समाधि से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर सालासर सड़क मार्ग जाम कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश की, जिसके करीब एक घंटे बाद रास्ते पर आवागमन शुरू हो सका.
समाधि से शव निकालने की प्रक्रिया शुरू
एसडीएम के आदेश के बाद आज संत के शव को समाधि से निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई. मौके पर पुलिस जाब्ता, एफएसएल टीम, मेडिकल टीम और ग्रामीणों की भीड़ मौजूद है. शव को समाधि से निकालने के बाद मोर्चरी भिजवाने की प्रक्रिया की जा रही है. पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह को लेकर स्थिति और साफ हो सकेगी.
भाई ने दर्ज कराया हत्या का मामला
घटना को लेकर हरियाणा के सिरसा जिले के धौलपालिया गांव निवासी हंसराज ने पुलिस में हत्या का मामला दर्ज करवाया है. हंसराज ने बताया कि मृतक बन्नानाथ उसका छोटा भाई था. वह वर्ष 2004 में संन्यास लेकर साधु बन गया था और पिछले दो साल से रावतसर में बालकनाथ के आश्रम में रह रहा था.
सांगासर लेकर आया था बालकनाथ
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, बालकनाथ बन्नानाथ को रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव लेकर आया था. यहां दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें बन्नानाथ की मौत हो गई. आरोप है कि घटना के बाद उसके शव को वहीं जमीन में दबाकर समाधि दे दी गई. पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
घटना की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को मिली, वे बड़ी संख्या में आश्रम के पास जमा हो गए. ग्रामीणों ने संत के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर विरोध जताया. इसके बाद सालासर सड़क मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया गया. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
पुलिस ने समझाइश कर खुलवाया रास्ता
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. सीआई संदीप कुमार ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया. इसके बाद करीब एक घंटे बाद सड़क पर आवागमन दोबारा शुरू करवाया गया. फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और शव को समाधि से निकालने की कार्रवाई की जा रही है.
पोस्टमार्टम के बाद साफ होगी मौत की वजह
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब शव को समाधि से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद संत की मौत की वजह और घटना से जुड़े बाकी तथ्यों की तस्वीर साफ हो सकेगी.