कैसे एक RAS अफसर बनता है IAS ? सचिवालय में आज UPSC की महाबैठक,समझें प्रमोशन की पूरी ABCD
Rajasthan News : साल 2017 के बाद पहली बार जयपुर सचिवालय में हो रही UPSC चयन समिति की बैठक में 18 RAS अधिकारियों को IAS में प्रमोट करने की प्रक्रिया पर मंथन हो रहा है, जिसके कड़े मापदंड और पूरी प्रक्रिया ये समझें.
Rajasthan News : राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में मंगलवार को हलचल तेज है. राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में प्रमोशन के लिए आज संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) चयन समिति की एक अहम बैठक सचिवालय में शाम 4 बजे होनी है. खास बात ये है कि साल 2017 के बाद ये पहला मौका है कि जब चयन समिति की ये बैठक दिल्ली के बजाय सीधे जयपुर में हो रही है,जिसमें 18 खाली पदों के लिए पात्र RAS अधिकारियों के नामों पर गहन विचार किया जा रहा है.
चयन समिति का गठन
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सदस्य सुमन शर्मा कर रही हैं. समिति में यूपीएससी के सदस्यों के अलावा केंद्र सरकार के प्रतिनिधि,राजस्थान के मुख्य सचिव और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं.
क्या हैं RAS से IAS बनने के कड़े मापदंड और पात्रता नियम ?
आरएएस अधिकारी से आईएएस कैडर में पदोन्नति की राह आसान नहीं होती है. इसके लिए अधिकारियों को कई कड़े प्रशासनिक और कानूनी पैमानों पर खरा उतरना पड़ता है.
लंबा प्रशासनिक अनुभव
आरएएस अधिकारियों को आईएएस कोटे में प्रमोट होने के लिए राज्य सेवा में लंबा प्रशासनिक अनुभव होना अनिवार्य है. आम तौर पर इसमें 20 से 25 साल या उससे अधिक की संतोषजनक सेवा का रिकॉर्ड देखा जाता है.
जोन ऑफ़ कंसीडरेशन
जो रिक्तियों की संख्या से लगभग तीन गुना (3x) योग्य अधिकारियों के नामों का पैनल राज्य सरकार द्वारा यूपीएससी को भेजा जाता है. इस बार 18 पदों पर चयन होना है, जिसके अनुपात में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम विचार के दायरे में हैं.
एपीएआर ग्रेडिंग
अधिकारियों की पिछले कई वर्षों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन रिपोर्ट (पर्फ़ॉरमेंस ग्रेडिंग) बेहद अहम होती है. इसमें उत्कृष्ट या बहुत अच्छा की ग्रेडिंग होना अनिवार्य माना जाता है.
बेदाग छवि
अधिकारी का सर्विस रिकॉर्ड पूरी तरह साफ और विजिलेंस क्लीयरेंस से मुक्त होना चाहिए.अगर किसी अधिकारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच ,एसीबी का मामला या कोर्ट केस पेंडिंग है,तो वे इस रेस से बाहर हो जाते हैं.
चयन प्रक्रिया कैसे काम करती है ?
- राज्य सरकार (कार्मिक विभाग - DoP) पात्र आरएएस अधिकारियों की वरिष्ठता और पात्रता सूची तैयार कर यूपीएससी को भेजती है.
- जयपुर सचिवालय में होने वाली इस बैठक में यूपीएससी चयन समिति सभी पात्र अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड,एसीआर और विजिलेंस रिपोर्ट की बारीकी से जांच करती है.
- बैठक के बाद यूपीएससी एक अंतिम 'सेलेक्ट लिस्ट' जारी करती है,जिसे केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय (DoPT) को भेजा जाता है.
- आखिर में DoPT द्वारा इन चयनित आरएएस अधिकारियों को आईएएस कैडर में नियुक्त करने का औपचारिक आदेश जारी किया जाता है,जिसके बाद ये अधिकारी आईएएस के रूप में अपनी नई प्रशासनिक पारी शुरू करते हैं.