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राजसमंद जिले के गढ़बोर क्षेत्र स्थित चेचियों का गुड़ा गांव में आज लोकतंत्र के पर्व पर प्रशासनिक अनदेखी का साया मंडराता नजर आया. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चल रहे मतदान प्रक्रिया के दौरान गांव के सभी 232 मतदाताओं ने मतदान का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया. सुबह से ही गांव का एक भी ग्रामीण पोलिंग बूथ पर वोट डालने नहीं पहुंचा, जिसके कारण मतदान केंद्र पूरी तरह से सूना नजर आया.
पुनर्गठन ने बढ़ाई दूरी, ग्रामीणों का छलका दर्द
मामले की सूचना मिलने पर जी मीडिया की टीम चेचियों का गुड़ा गांव पहुंची, तो वहां सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला. ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में हुए पंचायत पुनर्गठन के दौरान उनके गांव को 13 किलोमीटर दूर स्थित 'बानिया टुकड़ा' ग्राम पंचायत से जोड़ दिया गया है. ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले उनकी ग्राम पंचायत मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बिना भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे गांव को 13 किलोमीटर दूर जोड़ने से बुजुर्गों, महिलाओं और आम ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है.
टाडावाडा गुजरान में वापस जोड़ने की मांग
ग्रामीणों ने एकजुट होकर मांग की है कि चेचियों का गुड़ा गांव को वापस 'टाडावाडा गुजरान' पंचायत में शामिल किया जाए. गांव की महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी इस न्यायसंगत मांग को पूरा नहीं करती, तब तक वे आगामी किसी भी चुनाव (विधानसभा, लोकसभा या स्थानीय निकाय) में अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं करेंगे. एक पूरे गांव द्वारा चुनाव बहिष्कार किए जाने की खबर से निर्वाचन विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से समझाइश करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.
Reporter - Shyam Sundra