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'प्लास्टिक हटाओ, दुनिया सजाओ': राजसमंद में कचरे से रचा गया ऐसा जादू, देखकर हैरान रह जाएंगे आप

Rajsamand News: राजस्थान के राजसमंद जिले में 4P मॉडल के जरिए प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदला जा रहा है. 4 लाख से अधिक बोतलों में 1 करोड़ से ज्यादा पॉलीथिन भरकर इको-ब्रिक्स बनाई गई हैं, जिनसे गांवों में गार्डन, ट्री-गार्ड और चबूतरे तैयार किए जा रहे हैं.

Written By Sandhya Yadav
Published: Oct 13, 2026, 11:01 AM IST | Updated: Oct 13, 2026, 01:18 PM IST
Image Credit: राजसमंद में 4 लाख से अधिक बोतलों में 1 करोड़ से ज्यादा पॉलीथिन का निस्तारण.
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Rajsamand News: राजस्थान का राजसमंद जिला पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में एक अनूठी पहल के जरिए नई पहचान बना रहा है. जिला प्रशासन और जिला परिषद का 4P मॉडल अब प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के साथ गांवों को सुंदर बनाने का माध्यम बन रहा है. इस मॉडल का उद्देश्य प्लास्टिक हटाओ, पानी बचाओ, पौधे लगाओ और पर्यावरण सुंदर बनाओ है. जनभागीदारी के जरिए सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन को इकट्ठा कर उनका उपयोग इको-ब्रिक्स बनाने में किया जा रहा है. इनसे गांवों में गार्डन, ट्री-गार्ड, बैठने के चबूतरे और आकर्षक संरचनाएं तैयार की जा रही हैं.

एक दिन में 1.73 लाख से अधिक लोगों ने किया श्रमदान
राजसमंद जिला परिषद ने जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से 21 सितंबर 2024 को 4P मॉडल की नींव रखी थी. इसके बाद 25 अक्टूबर 2024 को विशेष अभियान शुरू किया गया. खमनोर के विकास अधिकारी हनुवीर सिंह और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा के नेतृत्व में इस मुहिम को आगे बढ़ाया गया. अभियान के दौरान एक ही दिन में 1 लाख 73 हजार से अधिक लोगों ने सफाई अभियान में हिस्सा लेकर स्वच्छता का संदेश दिया. इस पहल में लोगों की भागीदारी ने इसे व्यापक जन-अभियान का रूप देने में अहम भूमिका निभाई. कचरा प्रबंधन और नवाचार के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सम्मानित भी किया जा चुका है.

4 लाख बोतलों में बंद हुआ 1 करोड़ से अधिक पॉलीथिन का कचरा
राजसमंद में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए इको-ब्रिक्स का उपयोग किया जा रहा है. जिले की अलग-अलग पंचायत समितियों के गांवों में अब तक 4 लाख से अधिक प्लास्टिक बोतलों में 1 करोड़ से ज्यादा सिंगल यूज प्लास्टिक थैलियों को भरकर इको-ब्रिक्स तैयार की गई हैं. इस तरीके से ऐसी पॉलीथिन का उपयोग किया जा रहा है, जो आमतौर पर पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बनती है. तैयार इको-ब्रिक्स से गांवों और कस्बों में कई तरह की उपयोगी और आकर्षक संरचनाएं बनाई जा रही हैं. इनमें सुंदर गार्डन, पेड़ों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड और लोगों के बैठने के लिए गोल चबूतरे शामिल हैं. इस नवाचार से कचरे को उपयोगी रूप देने के साथ सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.

माना तालाब में बना स्पेशल सैनिटेशन पार्क
राजसमंद जिले की खमनोर पंचायत समिति के माना तालाब में स्पेशल सैनिटेशन पार्क विकसित किया गया है. यह पार्क वेस्ट-टू-आर्ट की अवधारणा का उदाहरण है. यहां प्लास्टिक की बोतलों और दूसरे वेस्ट मटेरियल से तैयार की गई कलाकृतियां लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं. इस पार्क के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि उचित योजना और सामूहिक प्रयासों से बेकार समझे जाने वाले सामान को भी रचनात्मक रूप दिया जा सकता है. पार्क स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

छह नए ब्लॉकों में लगेंगी वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट्स
प्लास्टिक कचरे के स्थायी और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए जिले में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. फिलहाल केलवाड़ा और देलवाड़ा में दो प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट्स सफलतापूर्वक काम कर रही हैं. अब जिले के छह अन्य ब्लॉकों में भी नई यूनिट्स स्थापित करने की योजना है. प्रत्येक यूनिट पर 16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इन इकाइयों के शुरू होने से दूर-दराज के गांवों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी. प्रशासन का लक्ष्य जिले में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है.

स्कूली बच्चों ने भी संभाली पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी
राजसमंद के प्लास्टिक मुक्ति अभियान में सरकारी स्कूलों के बच्चों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. जिले के लगभग सभी सरकारी स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों ने अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों से सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन इकट्ठा की. इसके बाद इसे बोतलों में भरने के लिए स्कूल लेकर पहुंचे. बच्चों की इस भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिली. उनके उत्साह को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन और स्कूलों की ओर से इको-ब्रिक्स बनाने के लिए प्लास्टिक भरकर लाने वाले बच्चों को पौधे और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया. इससे बच्चों में स्वच्छता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहन मिला.

280 गांवों तक पहुंचा जनभागीदारी का अभियान
राजसमंद जिला परिषद की नौ पंचायत समितियों के 280 गांवों में जनसहयोग से प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही यह पहल कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने पर केंद्रित है. 4P मॉडल के जरिए प्लास्टिक निस्तारण, पर्यावरण संरक्षण और गांवों के सौंदर्यीकरण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इको-ब्रिक्स से तैयार हो रहे गार्डन, ट्री-गार्ड और चबूतरे इस अभियान की पहचान बन रहे हैं. प्रशासन, स्कूलों और आम लोगों की भागीदारी से राजसमंद में प्लास्टिक कचरे के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने की कोशिश जारी है.
 

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लखनऊ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने वाली संध्या ने Zee News से पहले Newstrack और ETV Bharat जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. जमीनी खबरों की गहरी समझ रखने वाली संध्या ने राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, गहलोत-पायलट राजनीतिक संकट और कोविड-19 महामारी समेत कई बड़े और जटिल घटनाक्रमों की बेहतरीन कवरेज की है.आप संध्या यादव से सीधे SANDHYA.YADAV@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा राजस्थान की खबरों के रियल-टाइम अपडेट्स के लिए आप उनसे लिंक्डइन (https://in.linkedin.com/in/sandhya-yadav-5734ba144) पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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