Rajasthan Weather: राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा बारिश बीकानेर के लूणकरणसर में 27 मिमी दर्ज की गई. टोंक और फलोदी में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और सिरोही में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आज भी राज्य के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है.
13 से 15 अक्टूबर के बीच सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 13 से 15 अक्टूबर के बीच राज्य के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम में बदलाव के चलते आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है.
इन इलाकों में येलो अलर्ट जारी
राजस्थान में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, अलवर, दौसा और आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है.
गर्मी से बचने के उपाय
अक्टूबर के महीने में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली है. सुबह-शाम बदलते तापमान के अनुसार लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेड न होने दें. खान-पान का विशेष ध्यान रखें. इसके साथ ही लोगों को कड़ी धूप में निकलने से बचना चाहिए. प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ-साथ मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो गया है. हालांकि दिन में गर्मी का असर अभी बरकरार है, जबकि रात और सुबह हल्की ठंडक अक्टूबर में बदलते मौसम का संकेत दे रही है.
सर्दी से बचने की सलाह
प्रदेश में जल्द ही सर्दी की एंट्री हो सकती है. ऐसे में सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले लोगों को ठंड से बचने की तैयारी कर लेनी चाहिए. सर्दी शुरू होते ही सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें और सिर, कान व पैरों को ढककर रखें. शरीर को गर्म रखने के लिए गुनगुना पानी पिएं. इसके साथ ही पौष्टिक और गर्म भोजन लें. जिस कमरे में सोते हों उस कमरे को गर्म रखें, लेकिन बंद कमरे में अंगीठी या कोयला जलाने से बचें. इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है.