राजस्थान घूमने जाने वाले सैलानी ध्यान दें: अब बेफिक्र होकर घूमेंगे पर्यटक, जानें सरकार का सेफ्टी मास्टर प्लान
राजस्थान में पर्यटकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए सवाई माधोपुर और जैसलमेर में नए पर्यटन पुलिस थाने खोलने का प्रस्ताव है. पुलिस मुख्यालय ने दोनों जिलों में थाने स्थापित करने के लिए गृह विभाग से मंजूरी मांगी है.
राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ अब पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है. रणथंभौर में बाघों का दीदार करने आने वाले पर्यटक हों या जैसलमेर के रेतीले धोरों और सोनार किले की सैर करने वाले सैलानी. इनकी सुरक्षा और सहायता के लिए पर्यटन पुलिस का दायरा बढ़ाने की तैयारी है. पुलिस मुख्यालय का सवाई माधोपुर और जैसलमेर में नए पर्यटन पुलिस थाने खोलने का प्रस्ताव है. पुलिस मुख्यालय ने दोनों जिलों में थाने स्थापित करने के लिए गृह विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मांगी है.
दो नए पर्यटन पुलिस थानों का प्रस्ताव
राजस्थान में पर्यटन पुलिस का विस्तार करने की तैयारी है. पुलिस मुख्यालय ने सवाई माधोपुर और जैसलमेर में एक-एक नया पर्यटन पुलिस थाना खोलने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है. इसके लिए जरूरी पदों और संसाधनों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मांगी गई है. प्रस्ताव का मकसद पर्यटन स्थलों पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना. उन्हें जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना. और पर्यटकों के साथ होने वाले अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करना है. इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को परेशान करने वाले बिना लाइसेंसधारी लपकों के खिलाफ पर्यटन एक्ट-2010 के तहत कार्रवाई पर भी जोर दिया गया है.
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रणथंभौर से सोनार किले तक सुरक्षा पर फोकस
सवाई माधोपुर में रणथंभौर टाइगर रिजर्व पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा केंद्र है. इसके अलावा त्रिनेत्र गणेश मंदिर और चौथ माता मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.वहीं जैसलमेर में सोनार किला, पटवों की हवेली, सालमसिंह की हवेली, सम और खुड़ी के रेतीले धोरे तथा तनोट माता मंदिर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. इन दोनों जिलों में देशी और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए अलग पर्यटन पुलिस थानों की जरूरत महसूस की गई है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था विकसित करने का रास्ता साफ हो सकता है.
जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में पहले से व्यवस्था
राजस्थान में पर्यटन पुलिस की व्यवस्था पहले से चल रही है. वर्ष 2013-14 की बजट घोषणा के तहत जयपुर, जोधपुर और उदयपुर में तीन पर्यटन पुलिस थाने स्वीकृत किए गए थे. पुलिस मुख्यालय के अनुसार इन तीनों थानों में कुल 150 पद स्वीकृत हैं. इनमें 3 पुलिस निरीक्षक, 6 उपनिरीक्षक, 12 सहायक उपनिरीक्षक, 9 हेड कांस्टेबल, 114 कांस्टेबल और 6 ड्राइवर के पद शामिल हैं.अब सवाई माधोपुर और जैसलमेर में नए थाने खोलने का प्रस्ताव इसी व्यवस्था के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
अब गृह विभाग की मंजूरी का इंतजार
सवाई माधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन पुलिस थाने खोलने के लिए नए पदों और जरूरी संसाधनों की स्वीकृति मिलना आवश्यक है. पुलिस मुख्यालय ने इसी संबंध में गृह विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मांगी है.फिलहाल यह प्रस्तावित योजना है. सरकार की मंजूरी के बाद ही थानों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.
राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है. ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और उन्हें परेशान करने वाले तत्वों पर नियंत्रण. पर्यटन पुलिस की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाते हैं. अब नजर सरकार के फैसले पर है. सवाई माधोपुर और जैसलमेर में पर्यटन पुलिस थानों के प्रस्ताव को कब मंजूरी मिलती है. यह आने वाले समय में साफ होगा.