Tonk News: प्रेमिका को जहर देकर हत्या के मामले में प्रेमी, मां समेत 4 दोषियों को उम्रकैद, फैसला देते हुए जज ने सुनाई कविता
राजस्थान के टोंक में प्रेमिका सुमन की हत्या के मामले में विशिष्ट एससी-एसटी न्यायालय ने प्रेमी, उसकी मां समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने चारों पर कुल 1.35 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. सुमन की मौत के बाद परिजनों ने संदेह जताया था. पुलिस जांच में जहरीला पदार्थ देने की बात सामने आई. फैसले के दौरान जज ने कविता भी सुनाई.
Rajasthan Crime: राजस्थान के टोंक जिले में प्रेमिका की हत्या के मामले में विशिष्ट एससी-एसटी न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने प्रेमी, उसकी मां और दो अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय की पीठासीन अधिकारी आरती माहेश्वरी ने हत्या और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में चारों दोषियों पर कुल 1 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
यह मामला पचेवर थाना क्षेत्र के नगर गांव की सुमन की मौत से जुड़ा है. अभियोजन के अनुसार, सुमन को श्राद्ध के बहाने बुलाकर जहरीला पदार्थ दिया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी. मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया.
जयपुर में किराए के मकान में रहती थी सुमन
मामले के अनुसार, मृतका सुमन जयपुर के वैशाली नगर में किराए के मकान में रहती थी. उसका जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के शिकारपुरा निवासी प्रधान के साथ प्रेम प्रसंग था. दोनों के बीच संबंध थे. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 11 सितंबर 2022 को प्रधान सुमन को अपने साथ नगर गांव लेकर आया था. इसके तीन दिन बाद उसकी मौत की सूचना परिजनों को दी गई.
परिजनों को फोन कर सांप काटने की दी सूचना
14 सितंबर 2022 को प्रधान ने सुमन के परिजनों को फोन किया और बताया कि सुमन को सांप ने काट लिया है. उसने परिजनों को जानकारी दी कि सुमन को अजमेर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक सुमन की मौत हो चुकी थी. इसके बाद गांव में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.
शुरुआत में परिजनों को मौत की वजह सांप के काटने की बताई गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें घटना को लेकर संदेह हुआ.इसके बाद मृतका के भाई ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पचेवर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
जांच में जहरीला पदार्थ देने की बात आई सामने
पुलिस की जांच में सामने आया कि सुमन को श्राद्ध के बहाने बुलाया गया था और उसे जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की.जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया.
इसके बाद मामले की सुनवाई टोंक के विशिष्ट एससी-एसटी न्यायालय में हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सबूतों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी माना.
प्रेमी, मां समेत चार आरोपियों को सजा
अदालत ने प्रधान पुत्र जगदीश, संजना देवी पत्नी जगदीश, सवाईराम पुत्र जगदीश निवासी शिकारपुरा, थाना सांगानेर सदर, जयपुर और सुशीला पत्नी मांगीलाल निवासी नगर, थाना पचेवर, टोंक को दोषी करार दिया. चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. साथ ही हत्या और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 1 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.
इस फैसले के साथ साल 2022 में सामने आए सुमन की मौत के मामले में न्यायिक सुनवाई पूरी हुई. मामले में परिजनों ने मौत पर संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी. पुलिस की जांच और न्यायालय में चली सुनवाई के बाद चारों आरोपियों को सजा सुनाई गई. साथ ही जज ने फैसला देते हुए एक कविता भी सुनाई.
कुछ वर्षों का संबंध था, विश्वासों का संसार था.
क्या पता था उस मासूम को, मौत का षड्यंत्र तैयार था.
जाति के नाम पर प्रेम को विष का प्याला पिलाया.
जिसने जीवन भर साथ देने का वादा किया, उसी ने जीवन मिटाया.
मां, भाई, बहन के संग मिलकर मानवता को शर्मसार किया.
प्रेमिका के पवित्र भरोसे का निर्ममता से संहार किया.
बिसरा में विष, एटीएम की गवाही, सच को कब तक छिपाएगी.
न्याय की कलम अपराधियों को उनके कर्मों की सजा दिलाएगी.
प्रेम कोई अपराध नहीं, पर विश्वासघात क्षम्य नहीं.
न्याय का संदेश यही, निर्दोष का रक्त व्यर्थ नहीं.
Report- Bhupender Singh Solanki