Rajasthan News: राजस्थान सरकार के लिए राजस्व जुटाने वाले विभाग रिवेन्यू इंटेलिजेंस से मिलने वाली सूचनाओं को भुना नहीं पा रहे हैं. परिवहन विभाग और आबकारी विभाग राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय से मिलने वाले टैक्स चोरी के इनपुट के आधार पर सही ढंग से कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे राज्य सरकार को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान झेलना पड़ रहा है.
राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय ने कहा है कि राज्य सरकार के राजस्व अर्जन से जुड़े विभागों को निर्धारित समय सीमा में बकाया टैक्स वसूली के प्रकरणों में कार्रवाई करनी होगी. पिछले दिनों निदेशालय के महानिदेशक कुमार पाल गौतम ने बैठक ली थी. बैठक में संबंधित विभागों को बकाया पीआईआर की सूची बनाकर उन पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा था. दरअसल विभिन्न विभागों में राजस्व वसूली के प्रकरण बकाया चल रहे हैं. विभागों द्वारा इन पर की जाने वाली कार्रवाई की गति भी बहुत धीमी है. इस वजह से राज्य सरकार को राजस्व चोरी की सूचना होने के बावजूद भी बकाया वसूली सही तरीके से नहीं हो पा रही है.
परिवहन विभाग में 19500 करोड़ की राशि बकाया
ई-रवन्ना से जुड़े प्रकरणों में 19500 करोड़ की वसूली लम्बित
इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए राजस्व वसूली के निर्देश
ई-रवन्ना के डेटा और ई-वे बिलों के डेटा मिलान किए गए
कुल 18680 वाहनों पर टैक्स राशि बकाया, वसूली के निर्देश
1 मार्च 2023 से 31 अगस्त 2025 तक डीलर्स ने की गड़बड़ी
माइल्ड हाइब्रिड 1284 कारों को स्ट्रांग हाइब्रिड कारों में पंजीकृत किया
इन कारों को वन टाइम टैक्स में गलत तरीके से 25 फीसदी छूट दी
इन 1284 कारों से टैक्स वसूली के दिए गए निर्देश
आबकारी विभाग के एक पूर्व अफसर पर कार्रवाई होगी
इसी तरह आबकारी विभाग में भी राजस्व वसूली के प्रकरण लंबित चल रहे हैं. सालों से आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा निदेशालय द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद इन प्रकरणों में कार्रवाई नहीं की जा रही है. इसे देखते हुए महानिदेशक कुमारपाल गौतम ने आबकारी विभाग के एक पूर्व अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. आरएएस राजेश वर्मा के विरुद्ध यह कार्रवाई की जाएगी.
आबकारी विभाग में इस तरह राशि बकाया
मैसर्स सृष्टि लिकर बॉटलिंग प्लांट, तालेड़ा बूंदी की निदेशालय ने जांच की
आबकारी विभाग ने जांच के आधार पर फॉलोअप कार्रवाई नहीं की
वर्ष 2018-19 में जयपुर शहर में 40 ठेके बिना राशि जमा कराए शुरू हुए
18 प्रतिशत अग्रिम विशेषाधिकार राशि जमा नहीं कराई गई
इससे विभाग को 14 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ
तत्कालीन DEO राजेश वर्मा के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश