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गजब की दोस्ती: दोस्त को 7 लाख में पेपर दिलाकर करवाया चयन, खुद डमी कैंडिडेट बैठाकर बना था शिक्षक

राजस्थान के प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (अर्थशास्त्र) 2022 पेपर लीक मामले में SOG ने बालोतरा निवासी द्वितीय श्रेणी शिक्षक श्रवण कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने अपने दोस्त को 7 लाख रुपये में पेपर दिलाने की व्यवस्था की थी. जांच में यह भी सामने आया कि श्रवण ने खुद डमी कैंडिडेट बैठाकर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी. कोर्ट ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है.

Written By Vishnu Prakash Sharma Edited By Sneha Aggarwal
Published: Sep 16, 2026, 02:35 PM IST | Updated: Sep 16, 2026, 02:40 PM IST
Image Credit: Rajasthan RPSC Paper Leak
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Rajasthan News: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. मामला प्राध्यापक भर्ती परीक्षा (अर्थशास्त्र) 2022 के परीक्षा पूर्व पेपर लीक से जुड़ा है. SOG ने बालोतरा निवासी द्वितीय श्रेणी शिक्षक श्रवण कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है. आरोपी को कोर्ट ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है. श्रवण कुमार ने खुद भी डमी कैंडिडेट बैठाकर लेक्चरर की नौकरी हासिल की थी. दोस्त को 7 लाख में पेपर बेचा तो SOG के हत्थे चढ़ा.

SOG के मुताबिक, अक्टूबर 2022 में RPSC की ओर से आयोजित प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के अर्थशास्त्र विषय का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था. जांच में सामने आया कि तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा ने अर्थशास्त्र सहित अन्य विषयों के पेपर शेरसिंह उर्फ अनिल मीणा तक पहुंचाए थे. इसके बाद पेपर कथित तौर पर पेपर लीक माफिया तक पहुंचा.

SOG के अनुसार, सुरेश ढाका और भूपेन्द्र सारण गैंग ने पेपर हासिल कर अपने साइट हैंडलरों के जरिए राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर पढ़ाया था. जांच में जोधपुर में भी कई अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई.

दोस्त को बुलाया- 7 लाख में पेपर दिलाने की व्यवस्था का आरोप
SOG ने पहले इस मामले में गोपाल को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में गोपाल ने बताया कि श्रवण कुमार उसका परिचित और एक ही गांव का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार, परीक्षा से पहले श्रवण ने गोपाल को अपने घर बुलाया और पेपर लीक गैंग से संपर्क के जरिए दोनों दिनों की परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने की व्यवस्था 7 लाख में किए जाने की बात सामने आई. SOG के मुताबिक, पेपर मिलने के बाद गोपाल का प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में चयन हुआ.

खुद भी फर्जी तरीके से परीक्षा देने का मामला
जांच में श्रवण कुमार से जुड़ा एक और मामला भी सामने आया है. SOG के अनुसार, श्रवण कुमार स्वयं द्वितीय श्रेणी शिक्षक है और उसने अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर चयन करवाया था. इस मामले में वह पहले ही गिरफ्तार हो चुका है. वर्तमान में श्रवण कुमार और गोपाल दोनों अपने-अपने पदों से निलंबित बताए गए हैं.

14 सितंबर को गिरफ्तारी, चार दिन के रिमांड पर
SOG के मुताबिक DIG भुवन भूषण यादव और SP कुन्दन कंवरिया के सुपरविजन में अनुसंधान अधिकारी ASP महावीर सिंह मीणा की टीम ने कार्रवाई करते हुए श्रवण कुमार को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है. SOG का कहना है कि पूछताछ और अनुसंधान के दौरान मामले में अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है.

कौन है आरोपी?
श्रवण कुमार पुत्र राजूराम विश्नोई, उम्र 30 वर्ष, निवासी नेड़ी-नाड़ी, थाना धोरीमन्ना, जिला बालोतरा. पुलिस के मुताबिक, वह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारों का तला, ब्लॉक धोरीमन्ना में द्वितीय श्रेणी शिक्षक (विज्ञान) के पद पर कार्यरत है. 
 

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जी राजस्थान में सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत विष्णु प्रकाश शर्मा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत 30 वर्षों से सक्रिय हैं. जी मीडिया में वे BJP, तीसरा मोर्चा,  RSS सहित अन्य राजनीतिक विषय या गृह, वित्त और क्राइम से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से कवर करते हैं. बात चाहे बीजेपी संगठन में किसी भी हलचल की या फिर पार्टी के वीवीआईपी दौरों से लेकर कानून व्यवस्था से जुड़ी खबरों की, विष्णु शर्मा सक्रिय रूप से इन सभी की न्यूज कवर कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। राजनीतिक और गृह-पुलिस की खबरों पर भी गहरी पकड़ रखते हैं. राजनीति से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबरों को भी दर्शकों तक पहुंचाते हैं.  विष्णु प्रकाश शर्मा जी मीडिया समूह से पहले दैनिक भास्कर में 10 साल, राजस्थान पत्रिका में 12 साल, फर्स्ट इंडिया न्यूज 7 महीने कार्य कर चुके हैं.
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