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Rajasthan Politics News: राजस्थान में निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग खत्म होते ही बीजेपी ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को कैंपों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है. पार्टी इसे बाड़ेबंदी नहीं, बल्कि प्रशिक्षण शिविर बता रही है. बीजेपी के मुताबिक, प्रत्याशियों को मेयर, सभापति और चेयरमैन के चुनाव की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए एक जगह रखा जा रहा है. दूसरे चरण की वोटिंग के बाद जयपुर समेत बाकी निकायों के प्रत्याशियों को भी कैंपों में शिफ्ट किया जाएगा.
पहले चरण की वोटिंग के बाद प्रत्याशी कैंपों में
पहले चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही बीजेपी ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को अलग-अलग कैंपों में भेजना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि चुनाव के बाद होने वाली प्रक्रिया को लेकर प्रत्याशियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी वजह से उन्हें एक जगह रखा गया है. हालांकि, चुनावी राजनीति में इस तरह प्रत्याशियों को एक साथ रखना आम तौर पर बाड़ेबंदी के तौर पर देखा जाता है.
BJP बोली- बाड़ेबंदी नहीं, प्रशिक्षण शिविर
बीजेपी नेता और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के लिए एक साथ रखती है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में पार्टी की रीति-नीति और कामकाज के बारे में जानकारी दी जाती है. उनके मुताबिक, पार्षद प्रत्याशियों को भी इसी उद्देश्य से कैंपों में शिफ्ट किया गया है. चतुर्वेदी ने कहा कि दूसरे चरण की वोटिंग के बाद जयपुर समेत दूसरे इलाकों के प्रत्याशियों को भी कैंपों में भेजा जाएगा.
BJP ने जीत का दावा किया
पहले चरण के मतदान को लेकर डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि लोगों में वोटिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर जगहों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे और बीजेपी के बोर्ड बनेंगे. दूसरे चरण के मतदान को लेकर भी उन्होंने अच्छी वोटिंग होने की उम्मीद जताई और निकाय चुनाव में पार्टी की जीत का दावा किया.
श्रवण सिंह बगड़ी बोले- ‘बाड़ेबंदी कांग्रेस का शब्द’
बीजेपी प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने प्रत्याशियों को कैंप में रखने को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि ‘बाड़ेबंदी’ शब्द कांग्रेस का है और कांग्रेस का काम बाड़ेबंदी करना और लोगों को घेरना है. बगड़ी ने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता प्रशिक्षित हैं और पार्टी टिकट देने से पहले भी समीक्षा करती है. उनके मुताबिक, निकाय चुनाव में प्रशिक्षण जरूरी है.
BJP को बोर्ड बनाने का भरोसा, फिर भी पूरी सावधानी
पहले चरण के मतदान के बाद श्रवण सिंह बगड़ी ने बीजेपी के पक्ष में रुझान आने का दावा भी किया. उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर पहले चरण में मतदान हुआ है, वहां बीजेपी के बोर्ड बनने के संकेत मिल रहे हैं. हालांकि, पार्टी किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहती. निकाय चुनाव के नतीजे सरकार की साख से भी जुड़े हैं, इसलिए पार्टी के स्थानीय और संभाग स्तर के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह सक्रिय हैं.
निर्दलीयों पर भी रहेगी नजर
कई निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों को चुनौती दी है. ऐसे में चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों ही दल निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं. बोर्ड बनाने के लिए जरूरी संख्या जुटाने में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है. इसी वजह से चुनाव के बाद प्रत्याशियों को लेकर दोनों दल सतर्क नजर आ रहे हैं.
दूसरे चरण के बाद जयपुर में भी शुरू होगी कवायद
अब दूसरे चरण का मतदान होने के बाद जयपुर समेत बाकी नगरीय निकायों के प्रत्याशियों को भी कैंपों में भेजने की तैयारी है. चुनाव परिणाम आने के बाद जो प्रत्याशी चुनाव हार जाएंगे, वे कैंप से बाहर आ जाएंगे. वहीं, जीतने वाले पार्षदों को मेयर, सभापति और चेयरमैन के चुनाव तक पार्टी की निगरानी में रखा जा सकता है. ऐसे में निकाय चुनाव के नतीजों के बाद बाड़ेबंदी और जोड़-तोड़ की राजनीति और तेज होने की संभावना है.