नरेश मीणा ने Video जारी कर खोला मोर्चा, वसुंधरा राजे से मदन दिलावर तक पर लगाए गंभीर आरोप
बारां में किसान नेता नरेश मीणा की तलाश में करीब एक दर्जन पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं. इस बीच मीणा ने वीडियो जारी कर कई बड़े नेताओं और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
बारां में किसान नेता और भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. बारां पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदाशु के निर्देशन में करीब एक दर्जन पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस अब तक आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है. गिरफ्तारी के लिए रातभर भी सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है.
रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजर
नरेश मीणा की तलाश में पुलिस उनके रिश्तेदारों और अन्य संभावित ठिकानों पर पहुंच रही है. अटरू डीएसपी रामानंद यादव और छबड़ा सीआई राजेश खटाना सहित कई पुलिस अधिकारी अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नरेश मीणा के भूमिगत होने की सूचना है. ऐसे में पुलिस संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ उन पर आत्मसमर्पण के लिए दबाव बना रही है. पुलिस की ओर से जल्द सरेंडर करने की चेतावनी भी दी गई है.
सोशल मीडिया वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर नरेश मीणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि अब सोशल मीडिया ही जनता तक अपनी बात पहुंचाने का एकमात्र माध्यम रह गया है.
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वीडियो में मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ कई मुकदमे होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने उनके बेटे पर भी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया. मीणा का दावा है कि बारां और झालावाड़ में राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्रवाई प्रभावित हो रही है.
शिक्षक विष्णु गर्ग और नाहरगढ़ मामले का भी किया जिक्र
नरेश मीणा ने शिक्षक विष्णु गर्ग का मामला उठाते हुए फर्जी नियुक्ति और वसूली के आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इनाम घोषित होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हुई और इसके पीछे राजनीतिक हस्तक्षेप है.
नाहरगढ़ मामले पर अपना पक्ष रखते हुए मीणा ने कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया था. उनके मुताबिक, मारपीट और संपत्ति ले जाने के आरोप गलत हैं. उन्होंने दावा किया कि 6 तारीख को सरेंडर करने के लिए तैयार होने के बावजूद पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
सहयोगियों की गिरफ्तारी और चुनाव प्रचार पर उठाए सवाल
वीडियो में मीणा ने अपने सहयोगी राकेश बैसला की गिरफ्तारी पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर की अनुमति नहीं दी गई और चुनाव प्रचार में मदद करने वाले उनके साथियों को परेशान किया जा रहा है.
वीडियो के आखिर में नरेश मीणा ने कहा कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है. साथ ही उन्होंने जनता से अपने समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की.