पंचायत चुनाव में सुरक्षा का अभेद्य चक्र! 43 हजार 700 पुलिसकर्मी और 45 हजार से ज्यादा होमगार्ड किए तैनात
राजस्थान पंचायत राज आम चुनाव 2026 के लिए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा प्लान तैयार किया है. पहले चरण में 43,700 पुलिसकर्मी और अधिकारी तथा 9,886 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे. संवेदनशील बूथों पर निगरानी और गांवों में मोबाइल गश्त के जरिए शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की तैयारी है.
राजस्थान में पंचायत राज आम चुनाव 2026 को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा का मेगा प्लान तैयार किया है. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस, आरएसी और होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जा रही है. पहले चरण में 43 हजार 700 पुलिसकर्मी और अधिकारी तथा 9 हजार 886 होमगार्ड तैनात किए जाएंगे. संवेदनशील बूथों से लेकर गांवों में मोबाइल गश्त तक, सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं. देखिए ये रिपोर्ट.
पंचायत चुनाव के लिए सुरक्षा की तैयारी
राजस्थान में पंचायत राज चुनाव के पहले चरण को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. पहले चरण के लिए 20 से 25 अक्टूबर तक की अवधि निर्धारित की गई है. मतदान से पहले पोलिंग पार्टियों की रवानगी और चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के नियोजन की तैयारी की जा रही है.पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के पुलिसकर्मियों के साथ दूसरे जिलों और पुलिस की विभिन्न शाखाओं से भी अतिरिक्त जाब्ता लगाया है. प्रत्येक पंचायत और पंचायत समिति के स्तर पर पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके.
चार चरणों में 45 हजार से ज्यादा होमगार्ड
चुनाव सुरक्षा में होमगार्ड स्वयंसेवकों की भी अहम भूमिका रहेगी. गृह रक्षा विभाग के आदेश के अनुसार चार चरणों में कुल 45 हजार 384 होमगार्ड स्वयंसेवकों के नियोजन का लक्ष्य है. पहले चरण में 9 हजार 886, दूसरे चरण में 11 हजार 763, तीसरे चरण में 11 हजार 846 और चौथे चरण में 11 हजार 889 होमगार्ड तैनात करने की योजना है. जिन जिलों में पर्याप्त होमगार्ड उपलब्ध नहीं होंगे, वहां दूसरे जिलों से स्वयंसेवक बुलाए जाएंगे. इसके लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. चुनाव ड्यूटी में सभी होमगार्ड पूर्ण गणवेश और आवश्यक साजो-सामान के साथ तैनात रहेंगे.
बूथ से गांव तक सुरक्षा का नेटवर्क
एडीजी कानून-व्यवस्था वीके सिंह के अनुसार, पहले चरण में 103 पंचायत समितियों और 3,314 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं. दूसरे चरण में 123 पंचायत समितियों और 3,636 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा. सुरक्षा व्यवस्था के तहत पहले चरण में 9,886 और दूसरे चरण में 11,763 पोलिंग बूथों के लिए नियोजन किया गया है. इनमें करीब 25 प्रतिशत बूथों को संवेदनशील श्रेणी में मानते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान किया गया है.
पुलिस के चुनावी सुरक्षा प्लान में हर बूथ पर एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड तैनात करने का प्रावधान बताया गया है. इसके अलावा प्रत्येक तीन ग्राम पंचायतों पर एक मोबाइल पार्टी और प्रत्येक आठ ग्राम पंचायतों पर एक सुपरवाइजरी अधिकारी तैनात रहेगा.
पहला चरण: सुरक्षा का गणित
पंचायत समितियां: 103
ग्राम पंचायतें: 3,314
पोलिंग बूथ: 9,886
संभावित संवेदनशील बूथ: करीब 2,471
मोबाइल पार्टियां: 1,106
सुपरवाइजरी अधिकारी: 412
पुलिसकर्मी एवं अधिकारी: 43,700
होमगार्ड: 9,886
ग्राफिक्स इन ..
दूसरा चरण: सुरक्षा का गणित
पंचायत समितियां: 123
ग्राम पंचायतें: 3,636
पोलिंग बूथ: 11,763
संभावित संवेदनशील बूथ: करीब 2,940
मोबाइल पार्टियां: 1,211
सुपरवाइजरी अधिकारी: 492
पुलिस एवं आरएसी बल: 49,300
होमगार्ड: 11,763
पंचायत राज चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय और गृह रक्षा विभाग के स्तर पर तैयारियां जारी हैं. अब सभी की निगाहें मतदान पर रहेंगी, जहां पुलिस के इस व्यापक सुरक्षा प्लान की प्रभावशीलता परखी जाएगी.