नाचते-गाते ढोल-नगाड़ों के साथ निकली 'वोट बारात': दूल्हा बने ईएलसी अध्यक्ष
राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए आज वोटिंग जारी है. इस बीच बारां में एक अनोखी बारात देखने को मिली. यहां लोगों को वोट देने के लिए जागरूक करने के लिए एक ऐसा तरीका अपनाया गया जिसने सबका दिल जीत लिया.
बारां के किशनगंज की सौभागपुरा पंचायत में बाकायदा वोट बारात निकाली गयी. जिसमें ढोल- नगाड़े बजे, नाचगाना हुआ और ग्रामीणों ने इस बारात में बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया. डीजे और ढोल की थाप पर ग्रामीण खूब थिरके. बारात की खास बात थी कि बच्चे हाथों में नारों वाली तख्तियां थी जिसमें लिखा था 'काल्यो पहुंच गयो बूथ में.
ईएलसी अध्यक्ष बने प्रतीकात्मक 'दूल्हा'
बारात का माहौल बिल्कुल असली जैसा लगे, इसके लिए ईएलसी अध्यक्ष को प्रतीकात्मक रूप से 'दूल्हा' बनाया गया था. ये अनोखी बारात स्कूल परिसर से शुरू होकर गांव के बढ़ चौक तक पहुंची. चौक पर पहुंचकर सभी ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई और पूरे गांव में 100% मतदान करने का संकल्प लिया.
चुनाव आयोग मोबाइल ऐप्स की जानकारी
कार्यक्रम के सह-प्रभारी अमित भार्गव ने इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि मतदान ही लोकतंत्र की असली ताकत है. अगर हम सब मिलकर वोट डालेंगे, तभी हमारा गांव और देश मजबूत बनेगा।. उन्होंने हर वोटर से खुद वोट डालने और अपने परिवार और पड़ोसियों को भी बूथ तक ले जाने की अपील की. ये ही नहीं इस मौके पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को चुनाव आयोग के मोबाइल ऐप्स की जानकारी भी आसान भाषा में समझायी.
ग्रामीणों को बताया गया कि कैसे सी-विजिल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है, अगर चुनाव में कोई गड़बड़ी या आचार संहिता का उल्लंघन दिखे, तो इस ऐप पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. साथ ही ग्रामीणों को ईसीआई नेट के बारे में भी बताया गया. जिससे मतदाता सूची में नाम देखा जा सकता है और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी भी हासिल की जा सकती है.
सी-विजिल ऐप (cVIJIL App) का काम चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की तुरंत रिपोर्ट करना है. इस ऐप पर कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है , लेकिन याद रहें. ऐप पर रियल टाइम फोटो और वीडियो ही लोड होते हैं. पुराने डेट के नहीं. वहीं ईसीआई नेट (ECINET) एक लिए वन-स्टॉप सेंट्रल डिजिटल प्लेटफॉर्म की तरह है, जहां पर वोटर और चुनाव कार्य में लगे अधिकाारियों-कर्मियों, बूथ और डिजिटल वोटर कार्ड जैसी जानकारी मिल जाएगी.
गांव के अधिकारियों और शिक्षकों ने बताया कि इस पूरे आयोजन का मकसद चुनाव के दिन को डर या औपचारिकता न बनाकर एक त्योहार की तरह मनाना है, ताकि हर नागरिक खुशी-खुशी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके. आपको बता दें कि बारां में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव तीसरे और चौथे चरण में होंगे.
ये भी पढ़ें : डूंगरपुर में पंचायतीराज चुनाव का गदर: सुबह 10 बजे तक जानें किस समिति में टूटा वोटिंग रिकॉर्ड?