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राजस्थान पंचायत चुनाव: कहीं लाठी-भाटा जंग, कहीं मतदान बहिष्कार, मतदाता सूची पर भी उठे सवाल

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान कई जिलों से विवाद, मतदान बहिष्कार और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं. दूदू में वोट दिलाने को लेकर दो पक्षों में लाठी-भाटा जंग हुई, जबकि जहाजपुर के पीपलूंद में फर्जी मतदान के आरोपों पर हंगामा हुआ. कोटा और पाली के एक गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया.

Written By Zee Rajasthan Web Team
Published: Oct 24, 2026, 02:21 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 07:50 PM IST
Image Credit: आक्रोशित लोगों ने की जमकर नारेबाजी
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राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दौरान अलग-अलग जिलों से विवाद और विरोध की खबरें सामने आ रही हैं. कहीं वोट दिलाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, तो कहीं फर्जी मतदान के आरोपों ने माहौल गरमा दिया. कोटा और पाली में ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर मतदान के बहिष्कार पर अड़े हैं.  

वहीं, जैसलमेर में 45 मतदाताओं के नाम दूसरी ग्राम पंचायत की सूची में शामिल किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है.  इन घटनाओं ने पंचायत चुनाव के दौरान स्थानीय विवादों, परिसीमन और मतदाता सूची की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज कर दी है.


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वोट दिलाने को लेकर भिड़े वार्ड पंच के दो पक्ष 
दूदू मौजमाबाद ग्राम पंचायत में सरपंच और पंच पद के लिए मतदान के दौरान विवाद हो गया. वार्ड पंच के दो पक्ष वोट दिलाने की बात को लेकर आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-भाटा जंग शुरू हो गई. झगड़े के चलते कस्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मोर्चा संभालते हुए बल प्रयोग कर झगड़ा कर रहे करीब दो दर्जन लोगों को खदेड़ा. पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई.

रामपुरिया गांव में चुनाव बहिष्कार का ऐलान, लगाया बैनर


कोटा जिले रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र के सलावदखुर्द ग्राम पंचायत के रामपुरिया (उमेदपुरिया) गांव में ग्रामीणों ने आगामी चुनावों के बहिष्कार का ऐलान करते हुए गांव में बैनर लगाया है. बैनर पर स्पष्ट संदेश लिखा है-'जब तक न्याय नहीं, तब तक वोट नहीं'. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे.

2020 से 2026 तक पंचायत कार्यों में अनियमितताओं के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2020 से 2026 तक तत्कालीन सरपंच राकेश योगी के कार्यकाल में ग्राम पंचायत में कथित घोटाले हुए और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं बरती गईं. ग्रामीणों का दावा है कि इन मामलों की जांच की मांग को लेकर वे पिछले दो वर्षों से विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन अब तक जांच शुरू नहीं हुई है.

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मंत्री मदन दिलावर पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों ने राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर पर भी उनकी शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि मंत्री को भी कई बार मामले से अवगत करवाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई जांच नहीं हुई. लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब चुनाव बहिष्कार को अपना विरोध जताने का माध्यम बनाया है. ग्रामीणों की मांग है कि ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटालों और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

डुठारिया गांव में फिर मतदान का बहिष्कार


पाली रानी पंचायत समिति के डुठारिया गांव में 2 दिन बाद फिर से एक ऐसी तस्वीर निकल कर आई है, जिसमें डुठारिया गांव के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है. दो दिन पहले जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में भी ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था. ऐसे में प्रशासन पर जबरन गांव के सरकारी कर्मचारियों से मतदान करवाने का आरोप लगाया जा रहा है. ग्रामीणों की मांग है कि डुठारिया गांव पहले भादरलाऊ पंचायत में थे लेकिन परिसीमन के बाद उन्हें इटन्द्र मेड़तिया पंचायत में शिफ्ट कर दिया है, जिसको लेकर वे नाराज है. उनका कहना है कि या तो उन्हें दोबारा भादरलाऊ ग्राम पंचायत में शिफ्ट किया जाए या फिर उनका मुख्यालय डुठारिया बनाया जाए. ऐसे में आज भी ग्रामीण आक्रोशित होकर मतदान का बहिष्कार कर रहे हैं.

पीपलूंद में फर्जी मतदान के आरोपों पर हंगामा
जहाजपुर पीपलूंद में सरपंच एवं वार्ड पंच के मतदान के दौरान फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर माहौल गरमा गया. कुछ लोगों पर महिलाओं से जबरदस्ती दूसरे प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करवाने के आरोप लगाए गए, जिसके बाद मौके पर लोगों में आक्रोश फैल गया. आक्रोशित लोगों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया. मतदान के दौरान हुए हंगामे से क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया. फर्जी मतदान और जबरन वोट डलवाने के आरोपों को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की.

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जैसलमेर में 45 मतदाताओं के नाम दूसरी ग्राम पंचायत में जोड़ने का आरोप 
जैसलमेर जिले में पंचायती राज चुनावों से पहले मतदाता सूची को लेकर विवाद सामने आया है. पंचायत समिति नाचना की ग्राम पंचायत पांचे का तला के 45 मूल निवासियों के नाम कथित रूप से अवैध तरीके से ग्राम पंचायत खारिया में जोड़ने का आरोप लगाया गया है. इस संबंध में 24 अक्टूबर 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर जैसलमेर को शिकायत देकर मामले की जांच करवाने की मांग की गई है.

ग्राम पंचायत पांचे का तला के के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पांचे का तला के 45 मतदाताओं के नाम बिना निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के ग्राम पंचायत खारिया की मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, इन मतदाताओं का मूल निवास पांचे का तला है तथा खारिया में उनके मकान, रहवास या अन्य संबंधित दस्तावेज होने से इनकार किया गया है.

बिना सत्यापन नाम जोड़ने का आरोप
शिकायत में पंचायत समिति नाचना के अंतर्गत संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि मतदाताओं के नाम जोड़ने में नियमों की अनदेखी की गई है. शिकायतकर्ता ने इस मामले को पंचायती राज निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

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जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर से मांग की है कि 45 मतदाताओं के नाम ग्राम पंचायत खारिया की मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आधार की जांच की जाए. साथ ही, संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करवाकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए.

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल यह शिकायत में लगाए गए आरोपों का मामला है. मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह संबंधित अधिकारियों की जांच और अभिलेखों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा. मामले में प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी.
 

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