युवा वोटर बदलेंगे जयपुर का सियासी गणित: 24.33 लाख वोटर, 723 प्रत्याशियों का फैसला कल
Rajasthan News: जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में कल 24.33 लाख मतदाता 723 प्रत्याशियों की किस्मत तय करेंगे. 18-35 साल के 38.66% युवा वोटर, महिला मतदाता और स्थानीय मुद्दे नतीजों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
Jaipur News: जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में शहर की सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला अब मतदाता करेंगे. नामांकन दाखिल करने के बाद प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में वोटिंग करने के लिए पूरा दमखम लगा रखा था. कल सुबह 7 से शाम 6 बजे तक यानी 11 घंटे मतदान होगा. 2256 बूथों पर 24 लाख 33 हजार 198 मतदाता ईवीएम का बटन दबाकर 723 प्रत्याशियों की सियासी कॉपी में नंबर देंगे. इस चुनाव में पार्टी, प्रत्याशी और स्थानीय मुद्दों के साथ मतदाताओं की उम्र और जेंडर का गणित भी नतीजों की दिशा तय करने वाला है. जयपुर नगर निगम के मतदाताओं के उम्रवार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो चुनाव की सबसे बड़ी ताकत युवा और मध्यम आयु वर्ग है. 18 से 35 साल के 9 लाख 40 हजार 741 मतदाता हैं. यानी प्रत्येक 100 वोटरों में करीब 39 वोटर युवा हैं. वहीं अकेले 36 से 50 वर्ष आयु वर्ग में 7 लाख 51 हजार 096 मतदाता हैं. इनकी हिस्सेदारी 30.87 फीसदी है. यानी जयपुर में लगभग हर तीसरा वोटर 36 से 50 साल का है.
विधानसभा क्षेत्रवार मतदाताओं की भी दिलचस्प तस्वीर
दिलचस्प तस्वीर विधानसभा क्षेत्रवार मतदाताओं में भी सामने आती है. नगर निगम क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्रों में सांगानेर में सबसे ज्यादा 3 लाख 69 हजार 626 मतदाता हैं. इसके बाद विद्याधर नगर में 3 लाख 63 हजार 151 और हवामहल में 2 लाख 65 हजार 626 मतदाता हैं. दूसरी तरफ निगम के केवल तीन वार्ड वाले आमेर क्षेत्र में सबसे कम 47 हजार 891 वोटर हैं. जयपुर नगर निगम क्षेत्र के 150 वार्डो में जेंडर का गणित देखें तो नगर निगम में 12,61,424 पुरुष और 11,71,682 महिला मतदाता हैं. पुरुष मतदाता महिलाओं से 89,742 ज्यादा हैं. इसके अलावा 92 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. वहीं उम्र के पांच वर्गों में देखें तो 18 से 25 साल के 3,49,772 मतदाता हैं, जिनकी हिस्सेदारी 14.37 फीसदी है. 26 से 35 साल के 5,90,969 मतदाता यानी 24.29 फीसदी हैं. दोनों वर्गों को मिलाएं तो 18 से 35 साल के 9,40,741 वोटर, यानी 38.66 फीसदी मतदाता हैं.
विधानसभा क्षेत्रवार महिला-पुरुष वोटर
| विधानसभा | वार्ड | पुरुष | महिला | थर्ड जेंडर | कुल मतदाता |
| विद्याधर नगर | 1 से 22 | 1,87,216 | 1,75,931 | 4 | 3,63,151 |
| झोटवाड़ा | 23 से 37 | 1,28,538 | 1,19,021 | 2 | 2,47,561 |
| सांगानेर | 38 से 58 | 1,91,950 | 1,77,660 | 16 | 3,69,626 |
| बगरू | 59 से 72 | 1,36,602 | 1,22,485 | 14 | 2,59,101 |
| मालवीय नगर | 73 से 87 | 1,01,644 | 98,887 | 0 | 2,00,531 |
| सिविल लाइंस | 88 से 103 | 1,25,472 | 1,20,322 | 16 | 2,45,810 |
| किशनपोल | 104 से 115 | 1,01,012 | 94,082 | 7 | 1,95,101 |
| आदर्श नगर | 116 से 132 | 1,24,919 | 1,13,860 | 21 | 2,38,800 |
| हवामहल | 133 से 147 | 1,38,818 | 1,26,797 | 11 | 2,65,626 |
| आमेर | 148 से 150 | 25,253 | 22,637 | 1 | 47,891 |
| कुल | 150 | 12,61,424 | 11,71,682 | 92 | 24,33,198 |
किस आयुवर्ग के कितने मतदाता
| आयु वर्ग | मतदाता | हिस्सेदारी |
| 18-25 वर्ष | 3,49,772 | 14.37% |
| 26-35 वर्ष | 5,90,969 | 24.29% |
| 36-50 वर्ष | 7,51,096 | 30.87% |
| 51-59 वर्ष | 3,39,526 | 13.95% |
| 60 वर्ष व अधिक | 4,01,786 | 16.51% |
| कुल | 24,33,198 | 100% |
जानें जयपुर नगर निगम की तस्वीर
जयपुर नगर निगम के वार्डवार तस्वीर और दिलचस्प है. वार्ड 132 सबसे युवा वार्ड नजर आता है. यहां 17,279 मतदाताओं में 8,419 की उम्र 18 से 35 साल है. यानी 48.72 फीसदी वोटर युवा हैं. वार्ड 131 में यह हिस्सेदारी 48.57 फीसदी, वार्ड 150 में 48.32 फीसदी और वार्ड 148 में 47.88 फीसदी है. इसका मतलब हैं की इन वार्डों में लगभग हर दूसरा मतदाता 35 साल तक का है. रोजगार, सड़क, ट्रैफिक, सफाई, डिजिटल सेवाएं और शहर की नई जरूरतों से जुड़े मुद्दे इस वर्ग के मतदान व्यवहार में अहम हो सकते हैं. वहीं 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के मतदाताओं की हिस्सेदारी में वार्ड 123 सबसे आगे है. यहां 11,501 मतदाताओं में 3,174 यानी 27.60 फीसदी मतदाता 60 साल से ज्यादा उम्र का हैं. संख्या के लिहाज से वार्ड 90 में सबसे अधिक 5,402 सीनियर सिटीजन वोटर हैं. वार्डों के आकार में भी बड़ा अंतर है. वार्ड 26 में सर्वाधिक 30 हजार 814 मतदाता हैं. इसके बाद वार्ड 113 में 27 हजार 924, वार्ड 49 में 26 हजार 551, वार्ड 62 में 25 हजार 138 और वार्ड 109 में 24 हजार 463 वोटर हैं. इसके ठीक उलट वार्ड 93 में महज 5 हजार 180 मतदाता हैं. वार्ड 102 में 8 हजार 555, वार्ड 150 में 8 हजार 799, वार्ड 144 में 9 हजार 227 और वार्ड 121 में 9 हजार 268 मतदाता हैं. यानी सबसे बड़े वार्ड 26 में सबसे छोटे वार्ड 93 के मुकाबले करीब छह गुना वोटर हैं.
बहरहाल, अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की असली परीक्षा ‘वोट कन्वर्जन’ की है. समर्थक कौन है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि समर्थक वोट डालने बूथ तक पहुंचा या नहीं. युवा जोश, महिला वोट की खामोश ताकत और अनुभवी मतदाता इन तीनों को जो प्रत्याशी अपने पक्ष में ज्यादा बूथ तक पहुंचा पाएगा, उसकी सियासी कॉपी में पास होने की संभावना उतनी ही मजबूत होगी. 14 सितंबर को EVM खुलेगी तो पता चलेगा कि जयपुर ने शहर की चाबी किसके हाथ सौंपी.