जयपुर में टूटा वोटिंग का रिकॉर्ड: पहली बार 60% पार, जानें किसकी बदलेगी किस्मत?
Rajasthan News: जयपुर नगर निगम चुनाव में 62.88% रिकॉर्ड मतदान हुआ. आमेर 81.41% के साथ सबसे आगे रहा, जबकि आदर्श नगर में 2020 के मुकाबले 11.95 अंक का उछाल आया. सांगानेर में वोटिंग घटी. 9 लाख से ज्यादा वोटर्स घर से नहीं निकले.
Jaipur Nagar Nigam: जयपुर ने इस बार सिर्फ शहर की सरकार चुनने के लिए वोट नहीं डाला. मतदान का अपना पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. सुबह बूथों पर रफ्तार सुस्त थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, लोकतंत्र का पारा भी चढ़ता गया. शाम छह बजे जब EVM का बटन थमा तो आंकड़ा 62.88 फीसदी पर था, यानी पहली बार जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान 60 फीसदी के पार. लेकिन इस रिकॉर्ड की असली कहानी औसत में नहीं, इलाकों के अंदर छिपी है. आमेर 81.41 फीसदी के साथ सबसे आगे रहा, आदर्श नगर में 2020 के मुकाबले करीब 12 प्रतिशत अंक की छलांग लगी, जबकि सांगानेर में मतदान घट गया. 24.33 लाख में से 15.30 लाख वोटर्स ने फैसला लिखा, लेकिन 9 लाख से ज्यादा घर से नहीं निकले. अब सवाल है ये बढ़े हुए वोट किसकी जीत की लकीर लंबी करेंगे और किसका सियासी गणित बिगाड़ेंगे.
जयपुर नगर निगम चुनाव में इस बार वोटर्स ने मतदान का नया रिकॉर्ड बना दिया. 150 वार्डों में 62.88 फीसदी मतदान हुआ. उपलब्ध पुराने आंकड़ों के मुताबिक यह पहली बार है जब जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान 60 फीसदी के पार निकला. लेकिन इस रिकॉर्ड के भीतर की कहानी ज्यादा दिलचस्प है. पूरे शहर में मतदान एक समान नहीं बढ़ा. आदर्श नगर, सिविल लाइंस, आमेर, झोटवाड़ा, किशनपोल और मालवीय नगर जैसे क्षेत्रों में 2020 के मुकाबले बड़ा उछाल आया, जबकि सांगानेर में मतदान 1.86 प्रतिशत अंक घट गया. कुल 24 लाख 33 हजार 198 मतदाताओं में से 15 लाख 30 हजार 87 ने वोट डाला. यानी करीब 9 लाख 3 हजार 111 मतदाता घर से वोट डालने नहीं निकले. इस लिहाज से रिकॉर्ड मतदान के बावजूद हर 100 में करीब 37 वोटर्स ने मतदान नहीं किया. मतदान की टाइमलाइन भी बताती है कि जयपुर का रिकॉर्ड सुबह नहीं, बल्कि दिन चढ़ने और खासकर आखिरी घंटों में बना. सुबह 10 बजे तक महज 16.23% वोटिंग हुई थी. दोपहर 1 बजे यह बढ़कर 37.40%, तीन बजे 48.90% और शाम छह बजे 62.88% पहुंच गई. यानी सुबह 10 से दोपहर 1 बजे के बीच सबसे बड़ा 21.17 प्रतिशत अंक का उछाल आया. वहीं आखिरी तीन घंटे में प्रतिशत 13.98 अंक बढ़ा और करीब 3 लाख 40 हजार 291 वोट पड़े. अंतिम रिपोर्ट में 15,30,087 वोट और 62.88% मतदान दर्ज है.
सूरज चढने के लिए यूं बढता रहा मतदान का प्रतिशत
सुबह 10 बजे - 16.23%
दोपहर 1 बजे - 37.40%
दोपहर 3 बजे - 48.90%
शाम 6 बजे - 62.88%
2004 से 2026 तक मतदान प्रतिशत के आंकडे
2004- 41.30 प्रतिशत
2009- 51.80 प्रतिशत
2014- 60 प्रतिशत
2020- हेरिटेज में 57.82 और ग्रेटर में 58.31 प्रतिशत
2026- 62.88% मतदान
नगर निगम क्षेत्र में दस विधानसभावार आंकड़ों में सबसे बड़ा अंतर आमेर और सिविल लाइंस के बीच दिखाई देता है. महज तीन निगम वार्ड वाला आमेर 81.41% मतदान के साथ पहले नंबर पर रहा. इसके बाद आदर्श नगर 69.25%, हवामहल 68.06%, किशनपोल 65.19% और झोटवाड़ा 64.26% रहे. इसके उलट सिविल लाइंस में सबसे कम 56.69% मतदान हुआ. मालवीय नगर में 57.44% और सांगानेर में 57.73% वोटिंग रही. बड़े क्षेत्र विद्याधर नगर के 22 वार्डों में 62.95% मतदान दर्ज हुआ. आमेर के तीनों वार्डों ने शहर के औसत को काफी पीछे छोड़ा. वार्ड-148 में 81.84%, वार्ड-149 में 79.97% और वार्ड-150 में सर्वाधिक 83.70% मतदान हुआ. वहीं 2020 से तुलना करें तो सबसे चौंकाने वाला बदलाव आदर्श नगर में है. यहां मतदान 57.30% से बढ़कर 69.25% हो गया, यानी 11.95 प्रतिशत अंक का उछाल. सांगानेर इकलौता ऐसा क्षेत्र है, जहां 2020 से तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार मतदान 59.59% से घटकर 57.73% रह गया यानि की 1.86 अंक की गिरावट.
2020 Vs 2026: कहां कितना बदला वोटिंग पैटर्न
| विधानसभा क्षेत्र | 2020 | 2026 | अंतर |
| आदर्श नगर | 57.30% | 69.25% | 11.95 % (बढोतरी) |
| सिविल लाइंस | 47.46% | 56.69% | 9.23 % (बढोतरी) |
| आमेर | 72.94% | 81.41% | 8.47 % (बढोतरी) |
| झोटवाड़ा | 56.01% | 64.26% | 8.25 % (बढोतरी) |
| किशनपोल | 57.64% | 65.19% | 7.55 % (बढोतरी) |
| मालवीय नगर | 50.15% | 57.44% | 7.29 % (बढोतरी) |
| हवामहल | 61.28% | 68.06% | 6.78 % (बढोतरी) |
| बगरू | 60.76% | 61.26% | 0.50 % (बढोतरी) |
| विद्याधर नगर | 62.55% | 62.95% | 0.40 % (बढोतरी) |
| सांगानेर | 59.59% | 57.73% | 1.86 (गिरावट) |
4 आंकड़े जो चुनाव की कहानी बताते हैं
1. रिकॉर्ड कुछ क्षेत्रों के बड़े उछाल से बना- 62.88% का रिकॉर्ड पूरे जयपुर में समान बढ़ोतरी का नतीजा नहीं है. आदर्श नगर, सिविल लाइंस, आमेर और झोटवाड़ा जैसे क्षेत्रों ने औसत ऊपर खींचा, जबकि विद्याधर नगर-बगरू लगभग पुराने स्तर पर रहे और सांगानेर नीचे आया.
2. आमेर Vs सिविल लाइंस में 24.72 अंक का फासला- आमेर के 81.41% और सिविल लाइंस के 56.69% मतदान में 24.72 प्रतिशत अंक का अंतर है. यानी एक ही नगर निगम चुनाव में वोटिंग उत्साह की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखीं.
3. 2004 से 2026 तक 21.58 अंक का सफर- पुराने आंकड़ों के अनुसार 2004 में मतदान 41.30% था. इस बार 62.88% रहा. यानी करीब दो दशक में मतदान स्तर 21.58 प्रतिशत अंक ऊपर पहुंचा. 2009 में 51.80% और 2014 में करीब 60% वोटिंग हुई थी.
4. रिकॉर्ड के बाद भी 9 लाख वोट गायब- 62.88% अपने आप में रिकॉर्ड है, लेकिन दूसरा पहलू यह है कि 9,03,111 मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचे. यानी शहर की सरकार चुनने में करीब 37% मतदाताओं की भागीदारी नहीं रही.
बहरहाल, दोपहर तीन बजे तक जयपुर आधे मतदान तक भी नहीं पहुंचा था. इसके बाद अंतिम तीन घंटों में 3.40 लाख से ज्यादा वोट पड़े और मतदान 62.88% तक पहुंच गया. यानी रिकॉर्ड की आखिरी पटकथा शाम के तीन घंटों में लिखी गई. अब 14 सितंबर को मतगणना यह बताएगी कि बढ़े हुए मतदान का सियासी फायदा किसे मिला. खास नजर उन विधानसभा क्षेत्रों पर रहेगी, जहां 2020 के मुकाबले 7 से 12 प्रतिशत अंक तक की छलांग आई है क्योंकि यहीं का अतिरिक्त मतदान कई वार्डों में जीत-हार का गणित बदल सकता है.