App

Rajasthan Nikay Chunav: 210 वार्डों के फैसले से पहले बाड़ेबंदी तेज, निर्दलीय बनेंगे किंगमेकर या बदलेंगे पूरा खेल?

Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में निकाय चुनाव का मतदान खत्म होते ही BJP और कांग्रेस ने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है. जोधपुर, बारां और बीकानेर में नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज है. निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी दोनों दलों की नजर है.

Rajasthan Nikay Chunav: 210 वार्डों के फैसले से पहले बाड़ेबंदी तेज, निर्दलीय बनेंगे किंगमेकर या बदलेंगे पूरा खेल?
Image Credit: जस्थान में निकाय चुनाव में कांग्रेस की बाड़ेबंदी.

Rajasthan Nikay Chunav 2026: नगर निकाय चुनाव का मतदान संपन्न होने के साथ ही अब राजस्थान की सियासत में नतीजों से पहले का सबसे अहम दौर शुरू हो गया है. ईवीएम में प्रत्याशियों का भविष्य कैद हो चुका है, लेकिन नगर निगम और निकायों में बोर्ड किसका बनेगा, इसका गणित अभी खुला हुआ है. इसी को देखते हुए BJP और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है. कई जगह प्रत्याशियों को एक साथ जुटाया जा रहा है, जबकि निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों पर भी दोनों दलों की नजर है.

जोधपुर में कांग्रेस ने बदली रणनीति, प्रत्याशियों को अलग-अलग जगह बुलाया
जोधपुर में मतदान खत्म होने के बाद BJP ने जहां मतदान के दिन रात से ही अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकत्र करना शुरू कर दिया था, वहीं अब कांग्रेस ने भी बाड़ेबंदी की तैयारी तेज कर दी है. कांग्रेस ने रविवार सुबह अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तीनों विधानसभा क्षेत्रों के पार्षद प्रत्याशियों को अलग-अलग स्थानों पर बुलाने की प्रक्रिया शुरू की.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा ने सभी पार्षद प्रत्याशियों से फोन पर संपर्क किया. उन्हें अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मिलने और पार्टी की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों की पालना करने को कहा गया है. शहर विधानसभा क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों को सूर्या निवास गार्डन पहुंचने के निर्देश दिए गए.

सूत्रों के मुताबिक जोधपुर में तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों की अलग-अलग स्थानों पर बाड़ेबंदी की जा सकती है. पार्टी की कोशिश है कि मतगणना तक सभी प्रत्याशी एकजुट रहें और नतीजों के बाद बोर्ड बनाने के लिए जरूरी संख्या जुटाने में किसी तरह की परेशानी न आए.

कांग्रेस प्रत्याशी बोले - अभी स्पष्ट निर्देश नहीं मिले
पूर्व जिलाध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशी नरेश जोशी ने बताया कि उनके पास पार्टी की ओर से फोन आया था और बातचीत भी हुई है. उन्होंने बताया कि करीब सात से आठ लोग एकत्र हुए हैं, लेकिन फिलहाल आगे की रणनीति को लेकर उन्हें कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं.

हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मतगणना से पहले दोनों प्रमुख दल अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. संभावित हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते प्रत्याशियों को अज्ञात या सुरक्षित स्थानों पर रखने की तैयारी की जा रही है.

बारां में 210 वार्डों के नतीजों से पहले सियासी गणित उलझा
बारां के छह निकायों में मतदान पूरा होने के साथ ही अब असली सियासी खेल शुरू हो गया है. यहां 210 वार्डों के नतीजे सोमवार 14 सितंबर को सामने आएंगे. ईवीएम में किसके पक्ष में जनादेश है, इसका फैसला तो मतगणना के बाद होगा, लेकिन बोर्ड बनाने की रणनीति पर राजनीतिक दलों ने अभी से काम शुरू कर दिया है.

BJP और कांग्रेस दोनों अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने के साथ ही 274 निर्दलीय प्रत्याशियों पर नजर बनाए हुए हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे बागी प्रत्याशियों की बताई जा रही है, जो परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. सीसवाली, अटरू, मांगरोल और अंता में निर्दलीय प्रत्याशियों को संभावित किंगमेकर के तौर पर देखा जा रहा है.

वार्ड 16 की प्रत्याशी के गायब होने से बढ़ा सस्पेंस
बारां में मतदान के दौरान ही वार्ड 16 की BJP प्रत्याशी के गायब होने का मामला सामने आया था. मामला कोतवाली तक पहुंचा और अपहरण का केस दर्ज हुआ. बाड़ेबंदी शुरू होने से पहले सामने आई इस घटना ने चुनावी माहौल में सस्पेंस और बढ़ा दिया.

बारां की राजनीति में चुनाव परिणाम के बाद होने वाले उलटफेर का इतिहास भी रहा है. दिसंबर 2021 में जिला परिषद की 25 सीटों में BJP ने 13 और कांग्रेस ने 12 सीटें जीती थीं, लेकिन जिला प्रमुख कांग्रेस की उर्मिला जैन भाया बनी थीं. इसी तरह दिसंबर 2020 में नगर परिषद बारां में कांग्रेस के 32, BJP के 21 और 7 निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे, लेकिन सभापति चुनाव में कांग्रेस को 40 वोट मिले थे.

अंता में भी 16-16 की बराबरी के बाद एक निर्दलीय के समर्थन से चेयरमैन का रास्ता साफ हुआ था. यही वजह है कि इस बार भी निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है.

बीकानेर में बाड़ेबंदी बनी 'शिविर', क्रिकेट खेलते नजर आए प्रत्याशी
बीकानेर में कांग्रेस ने पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को 'शिविर' नाम दिया है. पार्टी के अनुसार 79 पार्षद प्रत्याशी इस शिविर में साथ हैं. नतीजों से पहले प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए बैठकों के साथ खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है.

इसी दौरान कांग्रेस प्रत्याशियों के क्रिकेट खेलने का वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में प्रत्याशी क्रिकेट मैदान पर खेलते नजर आ रहे हैं. यानी मतगणना से पहले जहां राजनीतिक रणनीति बनाई जा रही है, वहीं प्रत्याशियों को व्यस्त और एकजुट रखने के लिए खेल गतिविधियों का सहारा भी लिया जा रहा है.

डोटासरा का BJP पर हमला - अपने ही प्रत्याशियों पर भरोसा नहीं
लक्ष्मणगढ़ उपखंड क्षेत्र के पोषाणी गांव में कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव की बाड़ेबंदी को लेकर BJP पर जमकर निशाना साधा. उनके साथ सीकर सांसद कामरेड अमराराम चौधरी भी मौजूद रहे.

डोटासरा ने आरोप लगाया कि राजस्थान में गुंडाराज कायम है, सड़कें टूटी पड़ी हैं और विकास कार्य नहीं हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ढाई साल में विकास कार्य करवाए होते तो आज बाड़ेबंदी करने की नौबत नहीं आती.

डोटासरा ने BJP पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को अपने ही लोगों पर भरोसा नहीं है, इसलिए भाजपा के प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में BJP का सुपड़ा साफ हो गया है और राजस्थान में कांग्रेस भारी बहुमत से जीतकर बोर्ड बनाएगी.

अब ईवीएम के साथ निर्दलीयों पर भी नजर
निकाय चुनाव में मतदान खत्म हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दलों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है. असली चुनौती अब मतगणना के बाद बोर्ड बनाने की होगी. खासकर उन निकायों में जहां BJP और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर कम रहने की संभावना है, वहां निर्दलीय और बागी प्रत्याशी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.

इसी वजह से दोनों दल अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के साथ संभावित किंगमेकरों से संपर्क साधने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं. सोमवार को ईवीएम का पिटारा खुलेगा और इसके साथ यह तस्वीर साफ होगी कि जनता ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है. लेकिन उससे पहले बाड़ेबंदी ने साफ कर दिया है कि निकाय चुनाव में वोटिंग खत्म होने के बाद भी सियासी मुकाबला जारी है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Ashutosh Sharma

Ashutosh Sharma

आशुतोष शर्मा वर्ष 2011 से मुख्यधारा की मीडिया में सक्रिय एक वरिष्ठ पत्रकार हैं. डेढ़ दशक से अधिक के अपने समृद्ध पत्रकारिता करियर में उन्होंने इंडिया न्यूज़,ज़ी न्यूज़ और न्यूज़ नेशन जैसे देश के प्रमुख समाचार संस्थानों के साथ काम किया है. वर्तमान में वे ज़ी राजस्थान न्यूज़ में सीनियर स्पेशल कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में कार्यरत हैं और राजधानी जयपुर से राज्य के महत्वपूर्ण विषयों को कवर कर रहे हैं.उनकी मुख्य विशेषज्ञता राजस्थान की राजनीति,प्रशासनिक फैसलों,चुनाव और जनहित के मुद्दों के साथ-साथ अपराध और कानून-व्यवस्था की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग में है. पुलिस मुख्यालय (PHQ), जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न जांच एजेंसियों से जुड़े बड़े व चर्चित मामलों की एक्सक्लूसिव कवरेज उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है. ब्रेकअप न्यूज़,गहन राजनीतिक विश्लेषण और एक्सक्लूसिव क्राइम स्टोरीज़ के ज़रिए आशुतोष शर्मा ने राजस्थान मीडिया जगत में अपनी एक विश्वसनीय और प्रभावशाली पहचान बनाई है.
Read More