अशोक गहलोत ने परिवार संग डाला वोट: बोले- निकाय चुनाव में कांग्रेस की होगी एकतरफा जीत
Rajasthan News: जोधपुर में अशोक गहलोत ने परिवार के साथ मतदान कर कांग्रेस की भारी जीत का दावा किया. कोटा में शांति धारीवाल ने भी वोट डाला. दोनों नेताओं ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के पक्ष में माहौल होने का दावा किया.
Jodhpur News: जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने परिवार के साथ मतदान किया और निकाय चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत का दावा किया. वहीं कोटा में पूर्व यूडीएच मंत्री और कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने भी वोट डाला. दोनों नेताओं ने मतदान के बाद बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि जनता में सरकार के खिलाफ गुस्सा है और कांग्रेस को भारी बहुमत मिलेगा. वहीं धारीवाल ने कहा कि नगर निगम चुनाव में जनता काम देखकर वोट करती है और जहां उन्होंने प्रचार किया, वहां कांग्रेस के पक्ष में माहौल नजर आया.
परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर के महामंदिर स्थित जैन स्कूल मतदान केंद्र पहुंचे. उनके साथ पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत भी थीं. परिवार ने एक साथ मतदान किया. वोट डालने के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत की और लोकतंत्र को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का यह महापर्व लगातार मजबूत होता रहे, यही उनकी प्रार्थना है. उनके मुताबिक नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम और पंचायत जैसे चुनाव लोकतंत्र को जमीन से मजबूत करने का काम करते हैं.
‘जनता का अधिकार मजबूत होना चाहिए’
गहलोत ने कहा कि संविधान के तहत देश के लोगों को जो अधिकार मिले हैं, वे और मजबूत होने चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय उसे मजबूत करने की कोशिश होनी चाहिए. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने भी प्रदेश की जनता से लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मतदान की अपील की है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है.
गहलोत का दावा- कांग्रेस को भारी जीत
निकाय चुनाव के नतीजों को लेकर गहलोत ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नगर निकाय चुनाव में एकतरफा और भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब पौने तीन साल के कार्यकाल में सरकार ने कोई ऐसा बड़ा काम नहीं किया, जिसे जनता याद रखे. उनके मुताबिक इसी वजह से लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी और गुस्सा है.
सड़क, सफाई और रोजगार का मुद्दा उठाया
गहलोत ने कहा कि शहरों की हालत खराब है. उनके मुताबिक कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई शहरी रोजगार योजना, सड़क, सफाई और रोजगार से जुड़ी कई व्यवस्थाओं पर असर पड़ा है. उन्होंने महंगाई का मुद्दा भी उठाया. गहलोत का कहना था कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में जनता चुनाव में सरकार को सबक सिखाएगी.
EVM खराब होने पर क्या बोले गहलोत?
मतदान के दौरान EVM में खराबी के सवाल पर गहलोत ने कहा कि मशीन में खराबी होने पर उसे समय पर ठीक करवाना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है. उन्होंने जयपुर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के मतदान के दौरान EVM में आई खराबी का भी जिक्र किया. गहलोत ने कहा कि जब सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के सामने भी मशीन खराब हो रही है तो इससे चुनावी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं.
‘विपक्ष की जिम्मेदारी जनता की आवाज उठाना’
गहलोत ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार को जनता की समस्याओं के बारे में बताना है. उन्होंने सरकार से गंभीरता से काम करने की अपील की, ताकि प्रदेश के लोगों को राहत मिल सके. उनका कहना था कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सबसे बड़ा होता है और मतदान के जरिए लोग अपनी बात रखते हैं.
धारीवाल ने भी डाला वोट
कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक और पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने भी नगर निगम चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. मतदान के बाद उन्होंने कहा कि नगर निगम, विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक जैसे नहीं होते. तीनों चुनावों में मतदाताओं की सोच और मुद्दे अलग हो सकते हैं. धारीवाल के मुताबिक नगर निगम चुनाव में जनता अपने वार्ड और आसपास हुए काम को देखकर वोट करती है. लोग यह देखते हैं कि किस दल और जनप्रतिनिधि ने उनके इलाके के लिए क्या किया.
‘जहां गया, वहां कांग्रेस का माहौल’
धारीवाल ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने जिन इलाकों में लोगों से संपर्क किया, वहां कांग्रेस के पक्ष में माहौल नजर आया. उन्होंने कहा कि लोगों से बातचीत के आधार पर उन्हें लग रहा है कि कांग्रेस जीत रही है. उनके मुताबिक नगर निगम चुनाव में पार्टी के साथ-साथ स्थानीय प्रत्याशी का काम और इलाके के मुद्दे भी काफी अहम होते हैं.
दो नगर निगम को लेकर भी बोले धारीवाल
कोटा में दो नगर निगमों को एक करने के सवाल पर धारीवाल ने कहा कि दो की जगह एक, चार या छह निगम बनाने से असली फर्क नहीं पड़ता. उनके मुताबिक सिर्फ कुर्सियां बदलने से ज्यादा जरूरी यह है कि जमीन पर काम कितना हो रहा है. धारीवाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में कोटा में दो नगर निगम इसलिए बनाए गए थे, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर हो और ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य लोगों तक पहुंच सकें.
अब जनता के फैसले का इंतजार
निकाय चुनाव में मतदान के बाद अब सभी की नजर नतीजों पर है. गहलोत ने कांग्रेस की बड़ी जीत का दावा किया है, जबकि धारीवाल ने भी अपने प्रचार के दौरान कांग्रेस के पक्ष में माहौल होने की बात कही. अब अंतिम फैसला मतदाताओं के वोट से होगा और नतीजे सामने आने के बाद ही साफ होगा कि शहरों की सरकार की कमान किसके हाथ जाती है.