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BJP Unopposed Candidates: राजस्थान के शहरी निकाय चुनाव में 77 उम्मीदवारों ने बिना मतदान के ही जीत दर्ज कर ली है. निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक इन सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है. इनमें सत्तारूढ़ भाजपा के 44, कांग्रेस के 16 और 17 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं. निर्विरोध निर्वाचित 77 उम्मीदवारों में 37 महिलाएं हैं. राज्य में शहरी निकाय चुनाव दो चरणों में होने हैं. बाकी बची 232 सीटों के लिए 9 सितंबर और 11 सितंबर को मतदान होगा. राजधानी जयपुर में हालांकि किसी भी वार्ड में निर्विरोध निर्वाचन नहीं हुआ है.
सीकर की 22 वर्षीय सोफिया सबसे युवा
निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में सीकर जिले की रामगढ़ शेखावाटी नगर पालिका से कांग्रेस की 22 वर्षीय सोफिया सबसे कम उम्र की हैं. उनके अलावा नागौर जिले की बसानी नगर पालिका से कांग्रेस की मोना बानो 23 वर्ष की उम्र में निर्विरोध चुनी गई हैं. वहीं डीग जिले की पहाड़ी नगर पालिका से भाजपा की 24 वर्षीय पिंकी कुमारी भी बिना मुकाबले पार्षद निर्वाचित हुई हैं. इस तरह निर्विरोध जीत दर्ज करने वाले युवा उम्मीदवारों में महिलाओं की भी अच्छी संख्या है.
डीग में सबसे ज्यादा 10 निर्विरोध जीत
जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो डीग में सबसे ज्यादा 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. इसके बाद चित्तौड़गढ़ में छह और सीकर में पांच उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत हासिल की है. अलवर, झुंझुनू, जोधपुर और खैरथल-तिजारा में चार-चार उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. भरतपुर, बीकानेर, जयपुर ग्रामीण, धौलपुर और जालौर में तीन-तीन उम्मीदवारों को निर्विरोध जीत मिली है.
चित्तौड़गढ़ में BJP के सभी 6 उम्मीदवार निर्विरोध
निर्विरोध निर्वाचन के राजनीतिक आंकड़ों में भाजपा सबसे आगे है. चित्तौड़गढ़ की छह सीटों पर भाजपा के सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. जोधपुर जिले की बिलाड़ा नगर पालिका में भी भाजपा के चारों उम्मीदवार बिना मुकाबले जीत गए. जालौर, डूंगरपुर, झुंझुनू, पाली और राजसमंद में भी भाजपा उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है. वहीं कांग्रेस के 16 निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार बूंदी, दौसा, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर, झालावाड़, झुंझुनू और कोटा समेत अलग-अलग क्षेत्रों से हैं.
डीग में निर्दलीयों का दबदबा
डीग जिले में निर्विरोध चुने गए 10 उम्मीदवारों में सात निर्दलीय हैं. इसके अलावा भरतपुर, धौलपुर, झुंझुनू और करौली समेत कई इलाकों में भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत हासिल की है. कुल निर्विरोध सीटों में भाजपा से जुड़े उम्मीदवारों की हिस्सेदारी करीब 56.40 प्रतिशत रही. कांग्रेस की हिस्सेदारी 20.50 प्रतिशत और निर्दलीयों की 23.10 प्रतिशत है.