Jodhpur News: जोधपुर के बासनी इलाके में बुधवार दोपहर एक केमिकल फैक्टरी में लगी आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया. आग पर करीब चार से पांच घंटे की मशक्कत के बाद दस से ज्यादा दमकलों ने काफी हद तक काबू पा लिया था, लेकिन इसी दौरान केमिकल के एक ड्रम में जोरदार धमाका हो गया. विस्फोट के बाद आग फिर भड़क उठी और मौके पर आग बुझा रहे दमकलकर्मी इसकी चपेट में आ गए. प्रशासन के मुताबिक हादसे में 13 दमकलकर्मी गंभीर रूप से झुलस गए. सभी को पहले AIIMS और फिर बेहतर इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया.
ड्रम में धमाके के बाद अचानक भड़की आग
फैक्टरी में आग लगने के बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं. दस से ज्यादा दमकलों की मदद से कर्मचारी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे. करीब चार से पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग लगभग नियंत्रित कर ली गई थी. इसी दौरान केमिकल से भरे एक ड्रम में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ. धमाका होते ही आग फिर तेजी से फैल गई. उस समय आग बुझाने में जुटे दमकलकर्मी इसकी चपेट में आ गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोग भी तुरंत पीछे हट गए.
13 दमकलकर्मी गंभीर रूप से झुलसे
प्रशासन के अनुसार हादसे में कुल 13 दमकलकर्मी झुलसे हैं. हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी AIIMS अस्पताल ले जाया गया. यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को एंबुलेंस की मदद से महात्मा गांधी अस्पताल भेज दिया गया. जोधपुर में स्पेशल बर्न यूनिट महात्मा गांधी अस्पताल में मौजूद होने के कारण घायलों को वहां रेफर किया गया. अस्पताल प्रशासन ने भी घटना की जानकारी मिलते ही व्यवस्था अलर्ट कर दी थी. सभी घायलों को इमरजेंसी यूनिट में इलाज देने के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया.
2-3 दमकलकर्मियों की हालत क्रिटिकल
जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि कुल 13 दमकलकर्मी आग की चपेट में आने से झुलसे हैं. इनमें से दो से तीन दमकलकर्मियों की हालत गंभीर बनी हुई है. घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. जिला कलेक्टर के साथ पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया, नगर निगम आयुक्त और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा भी अस्पताल पहुंचे. अधिकारियों ने घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और डॉक्टरों को बेहतर उपचार के निर्देश दिए.
AIIMS से महात्मा गांधी अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर
घायलों को जल्द से जल्द इलाज मिल सके, इसके लिए पुलिस ने AIIMS से महात्मा गांधी अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया. एंबुलेंस को बिना किसी रुकावट के अस्पताल पहुंचाया गया, ताकि घायलों का इलाज तुरंत शुरू हो सके. अचानक हुए विस्फोट के बाद मौके पर कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया था. वहां मौजूद लोगों की मदद से भी झुलसे दमकलकर्मियों को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया गया.
फैक्ट्री मालिक पर कार्रवाई की बात
हादसे के बाद प्रशासन ने केमिकल फैक्टरी के मालिक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है. जिला कलेक्टर ने कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. आग लगने और ड्रम में हुए विस्फोट की घटना के बाद अब प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी.