असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2025 : हाईकोर्ट सख्त, अंतिम रिजल्ट जारी करने पर रोक
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने कॉलेज शिक्षा असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 के विवादित सवालों पर अंतिम परिणाम जारी करने से रोक लगा दी है. RPSC भर्ती प्रक्रिया जारी रख सकेगा, लेकिन फिलहाल रिजल्ट नहीं जारी होगा.
Assistant Professor Recruitment-2025: राजस्थान हाईकोर्ट ने कॉलेज शिक्षा के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 में विवादित सवालों को लेकर बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने भर्ती का अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है. हालांकि, राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) भर्ती प्रक्रिया को आगे जारी रख सकता है. अदालत ने प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से मामले में जवाब भी मांगा है. जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश संजय आशिया की याचिका पर शुरुआती सुनवाई के दौरान दिया.
30 पदों के लिए निकली थी भर्ती
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया कि आरपीएससी ने कॉलेज शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 30 पदों के लिए भर्ती निकाली थी. इसके लिए संजय आशिया ने अंग्रेजी विषय में आवेदन किया और लिखित परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा के बाद आयोग ने मॉडल उत्तर कुंजी जारी की थी.
अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान के सवालों पर आपत्ति
मॉडल उत्तर कुंजी जारी होने के बाद याचिकाकर्ता ने कई सवालों के जवाब पर आपत्ति जताई. याचिका के अनुसार अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्र के साथ सामान्य ज्ञान के प्रश्न पत्र के 15 सवालों को लेकर भी आरपीएससी के सामने आपत्ति दर्ज कराई गई थी. याचिकाकर्ता ने मान्यता प्राप्त पुस्तकों का हवाला देते हुए कहा कि आयोग की ओर से दिए गए कुछ उत्तर सही नहीं हैं.
आपत्ति के बावजूद आगे बढ़ी भर्ती प्रक्रिया
याचिका में आरोप लगाया गया कि आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद आरपीएससी ने इस पर उचित ध्यान नहीं दिया. इतना ही नहीं, अंतिम उत्तर कुंजी जारी किए बिना ही अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. इसी को लेकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
सभी विषयों के अभ्यर्थियों पर असर
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में यह भी कहा कि सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए एक जैसा था. ऐसे में अगर इस प्रश्न पत्र में कुछ सवालों के जवाब गलत हैं, तो इसका असर सिर्फ एक विषय के अभ्यर्थियों पर नहीं, बल्कि पूरी भर्ती में शामिल सभी अभ्यर्थियों के परिणाम पर पड़ सकता है.
नियुक्ति हुई तो बढ़ सकती है कानूनी परेशानी
याचिका में कहा गया कि अगर विवादित सवालों का समाधान किए बिना अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई तो बाद में तीसरे पक्ष के अधिकार बन जाएंगे. इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में बदलाव या नियुक्तियों को लेकर कानूनी पेचीदगियां और बढ़ सकती हैं. इसलिए याचिकाकर्ता ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी.
हाईकोर्ट ने अंतिम परिणाम पर लगाई रोक
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से जवाब मांगा है. कोर्ट ने साफ किया कि आयोग भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है, लेकिन फिलहाल अंतिम परिणाम जारी नहीं किया जाएगा. इस अंतरिम रोक के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों की नजर अब अगली सुनवाई और कोर्ट के जवाब पर रहेगी.