)
Rajasthan Dam Water Crisis: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने से प्रदेश के बांधों को लेकर उम्मीद जगी है. पिछले साल सितंबर के मुकाबले इस बार बांधों में करीब 30 फीसदी कम पानी है. पिछले साल इस समय तक बांधों में करीब 90 फीसदी पानी था, जबकि इस बार यह आंकड़ा करीब 60 फीसदी है. हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के असर से 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. ऐसे में आने वाले दिनों में बांधों में पानी की आवक बढ़ सकती है. वहीं, 196 बांध अभी खाली हैं, जबकि 75 बांध पूरी तरह भर चुके हैं और 422 बांधों में आंशिक रूप से पानी है.
बांधों में कितना पानी बचा है?
राजस्थान में इस समय बांधों की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है. पिछले साल सितंबर में बांधों में करीब 90 फीसदी पानी उपलब्ध था, लेकिन इस बार करीब 60 फीसदी पानी ही दर्ज हुआ है. यानी पिछले साल की तुलना में करीब 30 फीसदी पानी कम है. प्रदेश में 196 बांध ऐसे हैं, जिनमें अभी पानी नहीं है. 75 बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 422 बांधों में कुछ मात्रा में पानी मौजूद है. अब अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो इन आंकड़ों में सुधार हो सकता है.
बारिश से क्यों जगी उम्मीद?
करीब एक सप्ताह तक कमजोर रहने के बाद राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय हुआ है. बंगाल की खाड़ी में बना लो-प्रेशर सिस्टम अब मध्य भारत की तरफ बढ़ रहा है. इसके पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है.
बांधों के लिए यह बारिश इसलिए अहम है क्योंकि सितंबर में होने वाली बारिश से कैचमेंट एरिया में पानी बढ़ता है और इसका असर सीधे बांधों में पानी की आवक पर पड़ता है. हालांकि, सिर्फ बारिश का अलर्ट जारी होना यह तय नहीं करता कि हर बांध में अच्छी आवक होगी. इसके लिए बारिश की मात्रा और वह किन इलाकों में होती है, दोनों महत्वपूर्ण हैं.
29 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने राजस्थान के 29 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. दिए गए इनपुट में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, नागौर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद, पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जोधपुर और जैसलमेर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बताई गई है.
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है. पश्चिमी राजस्थान में भी 13 और 14 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटे में अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, सीकर, बूंदी, बारां और झालावाड़ के कई इलाकों में बारिश हुई. कुछ जगह करीब दो इंच तक पानी बरसा. अलवर के कोटकासिम में सबसे ज्यादा 45 MM बारिश रिकॉर्ड की गई. तेज बारिश के कारण अलवर, दौसा और सवाई माधोपुर के कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया. बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से भी राहत मिली.
पश्चिमी राजस्थान में अभी भी गर्मी
एक तरफ पूर्वी राजस्थान में बारिश से मौसम सुहावना हुआ है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बना हुआ है. बीकानेर में अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. चूरू और श्रीगंगानगर में तापमान 39.6 डिग्री रहा. बारिश की गतिविधियां कमजोर होने और पश्चिमी हवाएं चलने के कारण इन इलाकों में गर्मी बढ़ी है. आने वाले दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान में पूर्वी हिस्से के मुकाबले बारिश का असर कम रहने की संभावना है.
13-14 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
13 और 14 सितंबर राजस्थान के लिए बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में इन दोनों दिनों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बन सकती है. पश्चिमी राजस्थान में भी इन दिनों आंधी-गरज के साथ मौसम बदल सकता है. इसके बाद 15 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है.
इसका मतलब है कि अगले कुछ दिन बारिश के लिहाज से सक्रिय रहने वाले हैं. अगर अच्छी मात्रा में बारिश हुई तो इसका फायदा सिर्फ खेतों और शहरों को ही नहीं, बल्कि बांधों को भी मिल सकता है.
15 सितंबर के बाद क्या होगा?
15 सितंबर तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना बताई गई है. 15 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं, हालांकि पूर्वी राजस्थान में 16 और 17 सितंबर को भी गरज-चमक की संभावना बनी हुई है. पश्चिमी राजस्थान में 15 सितंबर के बाद फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी नहीं है. यानी अभी बांधों के लिए उम्मीद खत्म नहीं हुई है. अगले तीन-चार दिन होने वाली बारिश यह तय करने में अहम हो सकती है कि पानी का मौजूदा अंतर कितना कम होता है.
बांधों में पानी बढ़ने के लिए क्या जरूरी?
बांधों में पानी बढ़ाने के लिए सिर्फ शहर या गांव में बारिश होना काफी नहीं है. बांध के आसपास और उसके जलभराव वाले क्षेत्र में अच्छी बारिश होनी जरूरी है. अगर इन इलाकों में लगातार बारिश होती है तो छोटी नदियों, नालों और दूसरे जल स्रोतों से पानी बांधों तक पहुंचता है. इसलिए आने वाले दिनों में बारिश का क्षेत्र और उसकी मात्रा दोनों पर नजर रहेगी.
FAQ
राजस्थान के बांधों में अभी कितना पानी है?
इस बार सितंबर में राजस्थान के बांधों में करीब 60 फीसदी पानी दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल इसी समय करीब 90 फीसदी पानी था.
राजस्थान में कितने बांध अभी खाली हैं?
आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 196 बांध अभी खाली हैं.
कितने बांध पूरी तरह भर चुके हैं?
राजस्थान में 75 बांध पूरी तरह भर चुके हैं.
राजस्थान में बारिश कब तक होने की संभावना है?
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 13 और 14 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी भी है.
क्या बारिश से बांधों में पानी बढ़ेगा?
हां, अगर बांधों के कैचमेंट एरिया में अच्छी और लगातार बारिश होती है तो पानी की आवक बढ़ सकती है. हालांकि कितनी बढ़ोतरी होगी, यह बारिश की मात्रा और स्थान पर निर्भर करेगा.
राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
पिछले 24 घंटे में अलवर के कोटकासिम में 45 MM बारिश दर्ज की गई, जो दिए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा है.
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी क्यों बनी हुई है?
बीकानेर और जोधपुर संभाग में बारिश कमजोर रहने और पश्चिमी हवाएं चलने के कारण तापमान बढ़ा है. बीकानेर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ.